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राहुल गांधी का मार्शल आर्ट और राजनीति

लोकसभा मे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने औपचारिक रूप से दो मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण लिया है। भारत में आमतौर पर जूडो, कराटे को ही मार्शल आर्ट माना जाता है। लेकिन राहुल ने जापान की आइकिडो और ब्राजील की जुजुत्सु का प्रशिक्षण लिया है। दोनों में उन्होंने एडवांस कोर्स किया है और नियमित अभ्यास करते हैं। इन दिनों वे मार्शल आर्ट के जरिए अपनी पार्टी के नेताओं को राजनीति सीखा रहे हैं। हालांकि ज्यादातर नेता न तो इसे समझ रहे हैं और न उनको इसमें कोई दिलचस्पी दिख रही है। असल में कांग्रेस हो या दूसरी पार्टी, उसके नेताओं को आमतौर पर इस तरह चीजों से मतलब नहीं होता है। वे फिट रहने के लिए भारत में पहले से प्रचलित पारंपरिक उपाय आजमाते हैं। राहुल गांधी की पसंद अलग है। कई नेता मजाक में कहते हैं कि इसी वजह से कांग्रेस नेताओं के साथ राहुल का तालमेल नहीं बन पा रहा है।

बहरहाल, राहुल अभी केरल के दो दिन के दौरे पर गए थे, जहां उन्होंने मार्शल आर्ट की ड्रेस पहन कर अपने नेताओं को इसके राजनीतिक इस्तेमाल के बारे में बताया। दिलचस्प बात यह है कि राहुल ने केरल में जिजित्त्सु के बारे में बताया। क्लासिक परिभाषा के मुताबिक आइकिडो आत्मरक्षा में ज्यादा इस्तेमाल होता है, जबकि जिजित्सु हमला करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। दूसरी खास बात यह है कि जिजित्सु में ऐसी टेक्निक इस्तेमाल होती है, जिससे कम ताकत का व्यक्ति भी अपने से बहुत ताकतवर को हरा सकता है। तीसरी बात यह है कि जिजित्सु आमतौर पर जमीन पर लड़ा जाता है। राहुल आजकल इसी का जिक्र ज्यादा कर रहे हैं। संसद के बजट सत्र के पहले हिस्से में उनको राष्ट्रपति के अभिभाषण पर नहीं बोलने दिया गया था। लेकिन जब बजट पर बोलने उठे तो उन्होंने इसी मार्शल आर्ट से अपनी बात शुरू की। उन्होंने दो शब्दों ‘ग्रिप’ और ‘चोक’ का जिक्र किया। ध्यान रहे ये दोनों शब्द भारत में आम बोलचाल में इस्तेमाल होते हैं। लोग ग्रिप बनाने और चोक कर देने का इस्तेमाल वैसे ही करते हैं, जैसे शह और मात का करते हैं।

राहुल गांधी ने संसद में तो समझाया ही था, केरल में इसके विस्तार से समझाया और राजनीतिक रूप से इस्तेमाल करने के तरीके भी बताए। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राहुल ने मंच पर बैठे एक नेता का अचानक जोर से हाथ पकड़ लिया था। वह नेता कुछ क्षण तक समझ नहीं पाए थे कि वे क्या करें। राहुल गांधी ने इसके जरिए टाइमिंग का महत्व और रणनीति की गोपनीयता समझाई। साथ ही जमीन पर उतर कर लड़ने के लिए प्रेरित किया। मार्शल आर्ट के प्रतीकों का इस्तेमाल राहुल गांधी राष्ट्रीय राजनीति में भी कांग्रेस नेताओं को समझाने के लिए कर रहे हैं। असल में राहुल गांधी इन दिनों समझ रहे हैं कि भारतीय जनता पार्टी की ताकत बहुत बड़ी हो गई है और उतनी ताकत जुटा कर उससे लड़ने में बहुत समय लगेगा। हो सकता है कि कांग्रेस उतनी ताकत नहीं जुटा सके। इसलिए वे जिजित्सु की तकनीक बता रहे हैं, जिसमें ताकत से ज्यादा रणनीति और तकनीक पर जोर रहता है और असली लड़ाई में इसका इस्तेमाल होता है। राहुल ने केरल में और देश भर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जमीन पर उतर कर लड़ने, रणनीति बनाने, तकनीक का इस्तेमाल करने और विरोधी को अपनी रणनीति से चौंका देने का पाठ पढ़ाया है। अभी तक कांग्रेस नेता इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। उनक कहना है कि राहुल को सिर्फ शारीरिक प्रदर्शन के जरिए इसके बारे में नहीं बताना चाहिए, बल्कि राजनीति में इसका सफल प्रयोग करके दिखाएं तब कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता इस पर यकीन करेंगे।

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By NI Political Desk

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