क्या सीपीआई माले के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य इन दिनों राहुल गांधी को राजनीतिक सलाह दे रहे हैं? कांग्रेस कवर करने वाले और कांग्रेस नेताओं से नजदीकी रखने वाले पत्रकार राशिद किदवई ने यह बात बताई है। उन्होंने लिखा है कि राहुल गांधी के सलाहकार दीपांकर भट्टाचार्य है। उसके बाद से कहा जा रहा है कि सीताराम येचुरी के बाद अब दूसरे कम्युनिस्ट नेता कॉमरेड दीपांकर राहुल को सलाह दे रहे हैं और इसलिए राहुल गांधी की नीतियां लेफ्ट की ओर ज्यादा झुकी दिखाई दे रही हैं। ध्यान रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह बात संसद में कही और बाद में कांग्रेस के अपने सांसद शशि थरूर ने भी कहा कि कांग्रेस की नीतियां लेफ्ट ओरिएंटेशन वाली हो गई हैं, जो मनमोहन सिंह के समय मध्यमार्गी थीं।
बताया जा रहा है कि बिहार चुनाव से पहले राहुल गांधी जब वोटर अधिकार यात्रा के लिए यात्रा कर रहे थे उस समय दीपांकर भट्टाचार्य से उनकी नजदीकी बनी। यह सही है कि दोनों साथ घूम रहे थे तो दोनों ने एक दूसरे के साथ विचार साझा किए होंगे। लेकिन यह कहना अतिश्योक्ति है कि भट्टाचार्य इन दिनों राहुल को सलाह दे रहे हैं। राहुल ने उस समय भी उनकी सलाह नहीं मानी थी। उस समय भी वे चाहते थे कि इस तरह यात्रा करने की बजाय लोगों से जुड़ने का प्रयास करना चाहिए। कुछ दूर पैदल चलना चाहिए। गांवों में जाकर लोगों से बात करनी चाहिए। लेकिन राहुल अपनी धुन में काम करते रहे। हो सकता है कि लेफ्ट की विचारधारा उनको आकर्षित करती हो और वे कुछ बात करते हों लेकिन अगर वे उनकी सलाह पर चल रहे हैं यह दूर की कौड़ी है।


