सोशल मीडिया में इस बात पर हैरानी है कि किसी मुख्यमंत्री का इतना ‘स्लिप ऑफ टंग’ कैसे हो सकता है, जितना रेखा गुप्ता का हो रहा है? यह सवाल इसलिए है क्योंकि रेखा गुप्ता ने इस देश के दो सबसे महान स्वतंत्रता सेनानियों नेताजी सुभाष चंद्र बोस और शहीदे आजम भगत सिंह के बारे में गलतबयानी की और उसके बाद भाजपा के लोग जुबान फिसल जाने का तर्क लेकर आए। तभी सवाल है कि क्या हर बार उनकी जबान फिसल रही है या वे इन स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में नहीं जानती हैं?
दिल्ली के शीतकालीन सत्र में रेखा गुप्ता ने भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरू की शहादत को याद किया और कहा कि कांग्रेस की बहरी सरकार को सुनाने के लिए भगत सिंह ने असेंबली में बम फेंका। इसे जुबान फिसलना कहेंगे या अज्ञान? ऐसा लग रहा है कि वे नहीं जानती हैं कि भगत सिंह अंग्रेजों के खिलाफ लड़े और अंग्रेजों ने उन्हें फांसी दी थी। इसी तरह कुछ दिन पहले उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस का नाम लिया तो नेताजी सुभाष चंद्र पैलेस बोल गईं। नेताजी सुभाष चंद्र पैलैसे पीतमपुरा में एक मार्केट प्लेस है, जिसे शॉर्ट में एनएसपी कहा जाता है।


