इस समय देश के तीन राज्यों में कांग्रेस की सरकार है लेकिन तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को छोड़ कर दूसरा कोई मुख्यमंत्री सोनिया और राहुल गांधी के प्रति अपनी निष्ठा का ऐसा प्रदर्शन नहीं करता है। रेवंत लगातार अपनी निष्ठा का प्रदर्शन करते हैं और ऐसे बयान देते हैं, जिनसे सोनिया और राहुल गांधी को शर्मिंदा भी होना पड़ता है और कांग्रेस को नुकसान भी होता है। उनका ताजा बयान इसी श्रेणी का है। रेवंत रेड्डी ने कहा है कि गांधी परिवार ने बहुत त्याग किया है और अगर उनको जरुरत पड़ी तो वे एक हजार करोड़ रुपए जुटा कर भी दे सकते हैं। इस तरह के बयान का कोई मतलब नहीं है।
इससे भाजपा के इन आरोपों को बल मिलता है कि कांग्रेस ने तेलंगाना को एटीएम बना रखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई बार कह चुके हैं कि कर्नाटक और तेलंगाना कांग्रेस के एटीएम हैं। एक हजार करोड़ रुपए जुटाने वाली बात से मोदी के आरोपों का समर्थन होता है। इससे पहले भी रेवंत रेड्डी ने तेलंगाना के लोगों से कहा था कि उनको अहसान मानना चाहिए कि सोनिया गांधी के त्याग की वजह से उनको अलग राज्य मिला है। सोनिया गांधी को अलग तेलंगाना राज्य का श्रेय देना तो ठीक है लेकिन इसमें त्याग क्या है? यह तो कोई नहीं कहता कि अटल बिहारी वाजपेयी के त्याग के कारण तीन नए राज्य बने। श्रेय जरूर उनको दिया जाता है। एक कहावत है कि नया मुल्ला ज्यादा प्याज खाता है। वही हाल रेवंत रेड्डी का है। वे पहले राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में थे और वहां से कांग्रेस में शामिल हुए हैं। इसलिए वे ज्यादा निष्ठा दिखाते हैं।
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.


