भारत में जब भी परिवारवाद या वंशवाद की बात होती तो तुरंत कांग्रेस के गांधी परिवार और उनके साथ साथ बिहार में लालू यादव और उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह यादव के परिवार की चर्चा शुरू हो जाती है। लेकिन हकीकत यह है कि देश के हर राज्य में घनघोर परिवारवाद है लेकिन पार्टियां और यहां तक कि मीडिया भी उनकी चर्चा नहीं करता है। तमिलनाडु में लगभग पूरी राजनीति ही परिवारों के हाथ में है या फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों के हाथ में है। एकाध अपवाद भी होंगे। इस बीच राज्य में सत्तारूढ़ परिवार के एक और सदस्य का उदय हो रहा है।
जानकार सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन अपने दामाद सबरीसन वेदमूर्ति को राज्यसभा भेजने का फैसला किया है। सबरीसन की शादी स्टालिन की बेटी सेंथामराई से हुई है। जानने वालों को पता है कि सबरीसन परदे के पीछे से डीएमके की राजनीति संभालते हैं और बहुत काम करते हैं। अब उनको परदे के सामने लाने की तैयारी है। ध्यान रहे स्टालिन ने अपने बेटे उदयनिधि को राज्य का उप मुख्यमंत्री बनाया है। बहन कनिमोझी लोकसभा में पार्टी की नेता हैं। मारन परिवार उनके मामा का परिवार है। भाई अलागिरी भी राजनीति में ऊंची हैसियत के थे लेकिन परिवार में विवाद की वजह से किनारे हो गए।


