रिलायंस समूह से जुड़े परिमल नाथवानी झारखंड से दो बार राज्यसभा सांसद रहे और अभी आंध्र प्रदेश से सांसद हैं। उनको जगन मोहन रेड्डी की पार्टी ने समर्थन देकर पिछली बार राज्यसभा भेजा था। उनका कार्यकाल जून में समाप्त हो रहा है। आंध्र प्रदेश में सरकार बदल चुकी है और इस बार जगन किसी को राज्यसभा भेजने में सक्षम नहीं हैं। इसलिए खबर है कि परिमल नाथवानी कार्यकाल खत्म होने से पहले ही 16 मार्च को होने जा रहे राज्यसभा चुनाव में अपनी सीट पक्की करने की तैयारी में जुटे हैं।
खबर है कि वे इस बार महाराष्ट्र से राज्यसभा में जा सकते हैं। महाराष्ट्र में राज्यसभा की चुनावी तस्वीर ज्यादा उलझी नहीं है। राज्य में सात सीटें खाली हो रही हैं, जिनमें से छह भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति को मिलेंगी। कहा जा रहा है कि एकनाथ शिंदे की शिव सेना दो सीटें लेगी, जिसमें एक सीट परिमल नाथवानी को मिल सकती है। जानकार सूत्रों का कहना है कि भाजपा शिंदे की पार्टी को एक ही सीट देना चाहती है। अगर दूसरी सीट मिलती है तो नाथवानी को मौका मिल सकता है। सुनेत्रा पवार भी अपनी सीट पर उपचुनाव में बेटे पार्थ को राज्यसभा भेजेंगी। इसके अलावा भी उनको एक सीट मिलेगी। हालांकि इसमें कई पेंच है। एक पेंच तो मराठी और गुजराती अस्मिता का ही है। तभी यह भी कहा जा रहा है कि नाथवानी निर्दलीय उम्मीदवार भी हो सकते हैं।


