अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पूरी दुनिया को नाटकीय परफॉरमेंस का रंगमंच बना दिया है, जहां के वे मुख्य नायक हैं। वे दुनिया भर के देशों और नेताओं के बारे में भड़काऊ और अपमानजनक टिप्पणियां करते हैं। अब एक सीमा के बाद दूसरे नेता भी उन्हीं की भाषा में जवाब देने लगे हैं। सो, अब रंगमंच पर बराबरी का मुकाबला दिख रहा है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने परोक्ष रूप से ट्रंप को गुंडा कहा है। उन्होंने कहा है कि दुनिया अब गुंडों के युग में जा रही है। यह बहुत बड़ा बयान है। सोचें, इससे पहले गुंडा देश या नेता के तौर पर उत्तर कोरिया के किम जोंग उन को माना जाता है। वैसे उन्होंने तीन दिन पहले अपने उप प्रधानमंत्री को मंच पर ही बरखास्त किया। किम जोंग उन ने कहा, ‘गाड़ी बैल खींच सकता है, बकरी नहीं…. इससे पहले की ज्यादा देर हो जाए, अपने पैरों पर चल कर चले जाओ’।
बहरहाल, मैक्रों ने दुनिया के गुंडा युग की ओर बढ़ने की बात कही है तो यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वान डेर लियेन ने थोड़े सभ्य शब्दों में कहा कि वे कसम खाती हैं कि यूरोप की प्रतिक्रिया बिना डरे और बराबरी की होगी। लेकिन अमेरिका और यूरोप के सभ्य देशों के नेताओं की इस बयानबाजी के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की एंट्री हुई और उन्होंने यूरोपीय नेताओं की तुलना पालतू जानवरों से करते हुए कहा कि ये सब जो बयान दे रहे हैं, सब थोड़े दिन के बाद अपने मालिक के चरणों में होंगे और पूंछ हिला रहे होंगे। उन्होंने यूरोप के नेताओं को पालतू जानवर और ट्रंप को मालिक बताया। ट्रंप सचमुच मालिक की तरह बरताव कर रहे हैं। वे जो कर रहे हैं उसे भारत के जाने माने अर्थशास्त्री प्रभात पटनायक ने ‘गैंगस्टर साम्राज्यवाद’ का नाम दिया है।


