कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा अपने चुनाव क्षेत्र वायनाड के दौरे पर हैं और यह कोई साधारण दौरा नहीं है। प्रियंका 12 दिन के दौरे पर गई हैं। आमतौर पर बड़े नेता और उसमें भी नेता अगर नेहरू गांधी परिवार का हो तो वह अपने चुनाव क्षेत्र में ज्यादा समय नहीं देता है। पिछले एक साल से ज्यादा समय में राहुल गांधी छह बार रायबरेली गए हैं और वह भी एक एक दिन के लिए। सिर्फ एक बार या दो बार वे दो दिन के लिए गए। लेकिन प्रियंका 12 दिन के लिए गई हैं। वे आठ दिन से अपने चुनाव क्षेत्र में हैं और 24 सितंबर तक रहने वाली हैं।
इससे भी खास बात यह है कि सोनिया और राहुल गांधी भी उनके क्षेत्र में पहुंचे हैं। 19 सितंबर को सोनिया गांधी ने प्रियंका के साथ कुछ लोगों से मुलाकात की। सबसे हैरानी की बात है कि जिला कांग्रेस कमेटी को इस यात्रा से दूर रखा गया है। जिला कमेटी कोई भी कार्यक्रम नहीं बना रही है। प्रियंका को जिससे मिलना है उससे मुलाकात उनकी अपनी टीम तय कर रही है। कहा जा रहा है कि वायनाड की जिला कमेटी के आपसी झगड़े की वजह से प्रियंका ने एक समानांतर सिस्टम विकसित किया है। यह भी कहा जा रहा है कि लगभग सभी जिलों में इसी तरह का हाल है। अगले साल राज्य में चुनाव हैं और इस बार का चुनाव कांग्रेस के लिए करो या मरो वाला है। लगातार 10 साल से कांग्रेस सत्ता से बाहर है। प्रियंका उस चुनाव के लिहाज से भी तैयार कर रही हैं।
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