बिहार में विधान परिषद की नौ सीटों पर चुनाव होने वाला है। इसके अलावा एक सीट पर उपचुनाव होगा, जो नीतीश कुमार के इस्तीफे से खाली हुई है। वह सीट जनता दल यू के खाते में जाएगी। लेकिन बाकी नौ सीटों को लेकर भी तस्वीर साफ हो गई है। नौ में से एक सीट विपक्षी गठबंधन को मिलेगी, जो राजद के खाते में जाएगी। बची हुई आठ सीटों में से दो सीटें तय हैं। एक सीट उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को मिलेगी, जिनको मंत्री बनाया गया और दूसरी सीट लोक जनशक्ति पार्टी के खाते में जाएगी। इसके बाद बची हुई छह में से भाजपा और जनता दल यू में बराबर सीटें बंटने की चर्चा थी लेकिन अब कहा जा रहा है कि जदयू को दो ही सीट मिलेगी और चार सीट भाजपा रखेगी।
जनता दल यू को अगर दो सीटें मिलती हैं और एक सीट उपचुनाव वाली मिलती है तो उसके तीन उम्मीदवार भी लगभग तय हैं। उपचुनाव वाली सीट पर ललन कुमार को भेजा जाएगा। छह साल के कार्यकाल वाली दो सीटों में से एक पर नीतीश कुमार के बेटे निशांत और दूसरी सीट पर तारापुर के पूर्व विधायक राजीव रंजन के नाम की चर्चा है। राजीव रंजन की सीट विधानसभा चुनाव में सम्राट चौधरी के लिए छोड़ी गई थी। इसलिए उनको विधान परिषद में भेजने की चर्चा है। जदयू के नेता चाहते हैं कि भाजपा उनको अपने कोटे से भेजे। अगर ऐसा होता है तो जदयू को एक अतिरिक्त सीट मिल सकती है। अगर ये तीन नाम तय होते हैं तो इनमें से निशांत कुर्मी हैं, राजीव रंजन कोईरी और ललन कुमार धानुक हैं। यानी जदयू अपने कोर वोट के हिसाब से ही नाम तय करेगी। भाजपा की ओर से संजय मयूख के नाम की चर्चा है।
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.




