राज्य-शहर ई पेपर व्यूज़- विचार

प्रॉक्सी के जरिए पीएम कहेंगे अपनी बात!

भाजपा के कई नेताओं ने देश के लोगों से कहा कि वे इस बात पर भगवान का आभार जताएं कि भारत को एक बोलने वाला प्रधानमंत्री मिला है। नरेंद्र मोदी खूब बोलते हैं। अब भी बोलना जारी है। लेकिन जरूरी या ज्वलंत मुद्दों पर अब वे नहीं बोलते हैं। यह बात उनके समर्थकों को भी खटक रही है। हार्डकोर राइटविंग के लोग भी इस बात पर हैरान हुए, जब मंगलवार को एनडीए संसदीय दल की बैठक के बाद संसदीय कार्यमंत्री कीरेन रिजीजू ने बताया कि ‘प्रधानमंत्री ने कहा है कि पेपर लीक पाप है और इसमें शामिल लोगों को कठोर से कठोर सजा मिलेगी’। राइटविंग के सबसे लोकप्रिय हैंडल्स से यह सवाल उठाया गया कि यह बात खुद प्रधानमंत्री ने क्यों नहीं कही? यह भी पूछा गया कि प्रधानमंत्री का अपना एक्स हैंडल है, जिस पर दिन भर दुनिया जहान की बातें पोस्ट की जाती हैं उसी पर यह बात क्यों नहीं लिख दी गई? यह सवाल भी उठ रहा है कि नीट यूजी की परीक्षा तीन मई को हुई थी और सात मई को पेपर लीक की खबर आई थी। इसके बाद 12 मई को पेपर रद्द हुआ था, जबकि 21 जून को नीट यूजी की दोबारा परीक्षा हो गई और अब नतीजे आ गए हैं।

तभी सवाल है कि क्या प्रधानमंत्री संसद सत्र का इंतजार कर रहे थे कि सत्र शुरू होगा तभी नीट यूजी के पेपर लीक का मुद्दा उठाएंगे और वह भी खुद नहीं बोलेंगे, बल्कि कोई मंत्री प्रॉक्सी के तौर पर बोलेगा? भाजपा समर्थक यह सवाल भी उठा रहे हैं कि जब प्रधानमंत्री को पेपर लीक के बाद इसे पाप बताने में ढाई महीने लगे हैं तो अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी को महापाप बताने में कितना समय लगेगा? उसके भी डेढ़ महीने से ज्यादा हो गए हैं। अभी तक प्रधानमंत्री की ओर से कुछ नहीं कहा गया है। यह भी पूछा जा रहा है कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से जनता को जो परेशानी हो रही है और देश भर में इसका विरोध हो रहा है उस पर बोलने में प्रधानमंत्री को कितना समय लगेगा? वैसे लग नहीं रहा है कि वे उस पर बोलेंगे।

बहरहाल, प्रधानमंत्री ऐसे मुद्दों पर बोलने में क्या अपना अपमान महसूस कर रहे हैं? क्या उनको लग रहा है कि उनकी सरकार के कामकाज पर कैसे लोग सवाल उठा रहे हैं? तभी उनके सवालों या सरोकारों को एड्रेस करके वे उनका मान नहीं बढ़ाना चाहते हैं। संभवतः इसी सोच में उन्होंने पेपर लीक के मामले पर बंद कमरे में कुछ कहा और उसे जनता के सामने कहने के लिए एक मंत्री को अधिकृत किया। यह भी कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री इस मसले पर भी प्रॉक्सी के जरिए भी तभी बोले, जब मजबूरी हो गई। जब पानी सर के ऊपर से गुजरने लगा और देश भर के छात्र व युवा आंदोलित हो गए तो प्रधानमंत्री का बयान आया।

Tags :

By NI Political Desk

Get insights from the Nayaindia Political Desk, offering in-depth analysis, updates, and breaking news on Indian politics. From government policies to election coverage, we keep you informed on key political developments shaping the nation.

Leave a comment