राज्य-शहर ई पेपर व्यूज़- विचार

सिद्धारमैया की मूर्ति का किस्सा

कर्नाटक में कमाल हो रहा है। डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद हाशिए पर गए सिद्धारमैया अचानक सक्रिय हो गए हैं। कांग्रेस के जानकार नेताओं का कहना है कि उनको कहीं से शह मिल रही है। शिवकुमार को इसका अंदाजा था तभी उन्होंने अपने दांवपेंच चलने शुरू कर दिए हैं। उन्होंने सिद्धारमैया के सबसे करीबी और राज्य सरकार के मंत्री सतीश जरकिहोली को अपनी ओर कर लिया है। जैसे ही यह घटनाक्रम हुआ वैसे ही जरकिहोली और उनकी सांसद बेटी प्रियंका के यहां ईडी का छापा पड़ गया। अब जरकिहोली खुल कर सिद्धारमैया के खिलाफ हैं। उन्होंने हाल में एक बयान दिया, जिसमें कहा कि अहिंदा वोट पर किसी का एकाधिकार नहीं है। गौरतलब है कि यह माना जाता है कि अहिंदा वोट सिद्धारमैया के नियंत्रण में है।

बहरहाल, सिद्धारमैया की सक्रियता के बीच अचानक एक दिन कलबुर्गी में उनकी मूर्ति लगा दी गई। एक चौराहे पर सिद्धारमैया की नौ फीट ऊंची मूर्ति स्थापित की गई और उस चौराहे का नाम उनके नाम से कर दिया गया। जिस दिन यह घटनाक्रम हुआ उसी दिन मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को उस रास्ते से गुजरना था। तभी इसे लेकर बड़ा विवाद हुआ। फिर अचानक उस रात में सिद्धारमैया की मूर्ति वहां से हटा दी गई। यह स्पष्ट नहीं है कि मूर्ति किसने लगवाई थी और क्या इसके लिए नगर प्रशासन से मंजूरी ली गई थी और यह भी स्पष्ट नहीं है कि किसके आदेश से मूर्ति हटाई गई। लेकिन उसके बाद से राज्य की राजनीति में सन्नाटा फैला है।

By NI Political Desk

Get insights from the Nayaindia Political Desk, offering in-depth analysis, updates, and breaking news on Indian politics. From government policies to election coverage, we keep you informed on key political developments shaping the nation.

Leave a comment