राज्य-शहर ई पेपर व्यूज़- विचार

लालू परिवार की मुश्किलें बढ़ेंगी

रेलवे में नौकरी के बदले जमीन मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने रोजाना की सुनवाई की तारीख तय कर दी है। अदालत ने कहा है कि नौ मार्च से इस मामले की रोज सुनवाई होगी। ध्यान रहे यह मामला लालू प्रसाद के रेल मंत्री रहने के दौरान का है। यानी 2004 से 2009 के बीच का मामला है यह। सोचें, 16 साल के बाद मामला ट्रायल में जा रहा है। उसमें भी इसे रोकने या देरी करने की तमाम कोशिशें हुईं। इस मामले में आरोपी राबड़ी देवी ने जज बदलने की याचिका भी लगाई थी, जिसे जिला व सत्र न्यायाधीश ने खारिज कर दिया। इसी तरह दिन प्रतिदिन की सुनवाई रोकने का भी प्रयास हुआ था। लालू प्रसाद की सेबत का हवाला भी दिया गया था। लेकिन कोई दांव काम नहीं आया।

पिछली सुनवाई पर लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेज प्रताप यादव और तेजस्वी यादव इन चारों में से कोई भी हाजिर नहीं हुआ, जिससे इनके खिलाफ आरोप नहीं तय किया जा सका। लालू प्रसाद की दो बेटियां मीसा भारती और हेमा यादव पहुंचे और उन्होंने कहा कि वे इस मामले में बेकसूर हैं। अदालत ने कहा है कि बाकी आरोपी एक से 25 फरवरी के बीच किसी दिन स्वस्थ होकर अदालत आएं ताकि आरोप तय किया जा सके। उनको एक दिन पहले अदालत को और सीबीआई को सूचना देनी होगी। आरोप तय होने से पहले अदालत ने नौ मार्च से रोजाना की सुनवाई तय कर दी है। रोज सुनवाई का मतलब है कि तीन से चार हफ्ते में सुनवाई पूरी हो जाएगी। उसके बाद फैसले का इंतजार होगा। रेलने में आईआरसीटीसी में हुए कथित घोटाले का मामला भी इसी स्टेज में पहुंचा है। उसमें भी लालू प्रसाद के बच्चे आरोपी हैं। अगर इन मामलों में सजा होती है तो यह राजद की राजनीति के लिए बड़ा जटका होगा। ध्यान रहे बिहार में राजद कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। पार्टी चुनाव हारी है और पार्टी व परिवार दोनों जगह झगड़े चल रहे हैं। ऐसे में अगर भ्रष्टाचार के मामले में सजा होती है तो मुश्किल बहुत बढ़ेगी।

By NI Political Desk

Get insights from the Nayaindia Political Desk, offering in-depth analysis, updates, and breaking news on Indian politics. From government policies to election coverage, we keep you informed on key political developments shaping the nation.

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

1 + 6 =