कांग्रेस पार्टी के तीन मुख्यमंत्रियों में से रेवंत रेड्डी इकलौते मुख्यमंत्री हैं, जो हर समय नेहरू गांधी परिवार के प्रति अपनी निष्ठा का खुल कर इजहार करते रहते हैं। बाकी सुखविंदर सिंह सुक्खू और सिद्धारमैया को कभी यह कहते नहीं सुना गया कि अगर गांधी परिवार चाहे तो उनके लिए एक हजार करोड़ रुपए जुटा देंगे। यह बात रेवंत रेड्डी ने कही थी। तभी उनको लेकर संदेह भी बना रहता है। असल में वे पहले राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ से जुड़े थे। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से उन्होंने राजनीति की शुरुआत की और वहां से कांग्सेस में शामिल हुए। कांग्रेस में उन्होंने अच्छी जगह बना ली है। डीके शिवकुमार को उनका मेंटर माना जाता है और प्रियंका गांधी वाड्रा से उनकी करीबी बताई जाती है।
पिछले दिनों वे दिल्ली में थे तो शिव सेना के नेता और महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के सांसद बेटे श्रीकांत शिंदे के घर एक पार्टी में शामिल हुए थे। बताया जा रहा है कि उस पार्टी में एक केंद्रीय मंत्री और एक पूर्व केंद्रीय मंत्री भी शामिल हुए। किसी दूसरी पार्टी के नेता की पार्टी में शामिल होने में कोई बुराई नहीं है। लेकिन रेवंत रेड्डी औपचारिकता के लिए उस पार्टी में नहीं गए थे। बताया जा रहा है कि वे एक घंटे से ज्यादा समय तक पार्टी में मौजूद रहे। जाहिर है संबंध कुछ ज्यादा गहरे होंगे तभी उन्होंने पार्टी में इतना समय बिताया। इस घटनाक्रम की कई तरह से व्याख्या हो रही है।
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