भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की टीम बनने के साथ साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टीम में भी फेरबदल की खबरें हैं। बताया जा रहा है कि अगले महीने सरकार के दो साल पूरे होंगे उससे ठीक पहले या तुरंत बाद बदलाव हो सकता है। ध्यान रहे नौ जून 2024 को सरकार गठन के बाद से प्रधानमंत्री मोदी ने कोई फेरबदल नहीं की है। माना जा रहा है कि अगले साल होने वाले सात राज्यों के विधानसभा चुनावों की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए फेरबदल होगी। वैसे भी लोकसभा चुनाव के बाद जिस तरह का जनादेश मिला था और भाजपा की जैसे सीटें कम हुई थीं उसमें प्रधानमंत्री मोदी के ऊपर यथास्थिति बनाए रखने का दबाव था। अब वह दबाव खत्म हो गया है क्योंकि लोकसभा के बाद हुए राज्यों के चुमावों में भाजपा का प्रदर्शन बहुत शानदार रहा। उसने महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली, बिहार सब जगह जीत हासिल की। इस साल पश्चिम बंगाल की जीत भाजपा के लिए सबसे अहम रही। असम में लगातार तीसरी बार भाजपा सत्ता में लौटी है।
इससे प्रधानमंत्री मोदी का करिश्मा फिर से बहाल हुआ है। तभी कहा जा रहा है कि वे जो प्रयोग वे जून 2024 में नहीं कर सके थे वह 2026 में कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि गुजरात फॉर्मूले की तर्ज पर बड़ी संख्या में मंत्री बदले जा सकते हैं। ध्यान रहे अपनी दूसरी सरकार में भी मोदी ने इस तरह का बदलाव किया था, जब एक झटके में प्रकाश जावडेकर से लेकर रविशंकर प्रसाद, संतोष गंगवार जैसे मंत्रियों की छुट्टी हुई थी। अगली फेरबदल में प्रधानमंत्री मोदी ऐसा भी कर सकते हैं। कहा जा रहा है कि कई नेता जो लगातार तीन सरकारों में मंत्री रहें उनको हटाया जा सकता है। उनमें से कुछ लोगों को संगठन में भेजा जाएगा और बाकी लोगों की छुट्टी हो सकती है। ऐसे लोगों के लिए संकेत होगा कि अगले लोकसभा चुनाव में उनको टिकट नहीं मिलेगी। तभी केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल बहुत दिलचस्प होने वाली है।


