बाकी और किसी तरीके से वक्फ संशोधन बिल ऐतिहासिक बने या नहीं लेकिन इस आधार यह ऐतिहासिक हो गया कि इसे आधी रात को पास किया गया है। भाजपा की केंद्र सरकार को आधी रात को कानून बनाने और उसका डंका बजाने का बहुत शौक है। तभी उसने 2017 की जुलाई में आधी रात को वस्तु व सेवा कर यानी जीएसटी का बिल पास कराया था। संसद के दोनों सदनों की बैठक आधी रात को बुलाई गई थी और बिल पास कराया गया था।
यह आधी रात को मिली आजादी और नेहरू के ‘नियति से साक्षात्कार’ वाले भाषण का असर हो सकता है। उसी तरह अब वक्फ बिल भी इतिहास का हिस्सा बन गया है। उसे 12 घंटे की चर्चा के बाद दो अप्रैल की आधी रात को लोकसभा से पास कराया गया।
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सरकार चाहती तो बिल पर दो दिन चर्चा हो सकती थी और गुरुवार को इसे पास कराया जा सकता था। लेकिन ऐसा लग रहा है कि सरकार ने योजनाबद्ध तरीके से इसको आधी रात में पास कराया। सबको पता था कि बिल बहुत अहम है और सभी पार्टियां अपनी अपनी राजनीति के हिसाब से इस पर बोलेंगी। फिर भी पहले आठ घंटे का समय तय हुआ।
अगर पहले ही 12 घंटे का समय तय होता तो कार्य मंत्रणा समिति में ही यह बात उठ जाती कि दो दिन में छह छह घंटे चर्चा हो। ऐसा होता तो बुधवार को शाम छह बजे तक चर्चा होती और गुरुवार को इसे पास कराया जाता। सबको पता है कि राज्यसभा में इतना भाषण नहीं होना है और वहां ज्यादा समय नहीं लगेगा। फिर भी आठ घंटे के समय के साथ चर्चा शुरू हुई। बाद में दो बार में इसे साढ़े 11 बजे रात तक बढ़ाया गया। इस तरह 12 घंटे की चर्चा के बाद रात 12 बजे के करीब बिल को पास कराया गया।
Pic Credit: ANI
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