पश्चिम बंगाल में कमाल हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से कह दिया है कि वह मतदाता सूची फ्रीज करे। वैसे भी पहले चरण की 152 सीटों के लिए नामांकन की प्रक्रिया समाप्त हो गई है तो मतदाता सूची फ्रीज होनी ही थी। लेकिन साथ ही सर्वोच्च अदालत ने यह भी कहा है कि विचाराधीन श्रेणी के जिन लाखों लोगों के नाम कटे हैं उनकी आपत्तियों और दावे सुनने के लिए बनाए गए ट्रिब्यूनल अपना काम करते रहेंगे। इतना ही नहीं, जो सुप्रीम कोर्ट पहुंच जाएगा उसकी बात वहां भी सुनी जाएगी।
ध्यान रहे सुप्रीम कोर्ट ने एक एक करके कांग्रेस के दो उम्मीदवारों की उम्मीदवारी बताई है। फरक्का और एक अन्य सीट पर कांग्रेस उम्मीदवारों के नाम मतदाता सूची से कट गए थे। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी आपत्तियां सुनीं और उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज करने को कहा। हालांकि इससे यह स्पष्ट नहीं है कि एक एक करके कब तक मतदाताओं के नाम जोड़े जाएंगे। ध्यान रहे विचाराधीन श्रेणी के 60 लाख से ज्यादा नामों की जांच के बाद कई पूरक सूची जारी हुई, जिसमें करीब 25 लाख नाम कटने की खबर है। इन 25 लाख नामों की जांच के लिए 19 ट्रिब्यूनल हैं। इन्होंने अभी तक काम नहीं शुरू किया है। आज से 15 दिन के बाद पहले चरण का मतदान है। क्या मतदान से ठीक पहले तक नाम जोड़े जाएंगे? ऐसा होता है तो एक नई नजीर बनेगी।
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