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डिप्टी पीएम की चर्चा का क्या मतलब है

दिल्ली में साजिश थ्योरी कभी समाप्त नहीं होती है। यहां भले नरेंद्र मोदी ने एलीट मीडिया, खान मार्केट गैंग और लुटियन की दिल्ली के लोगों की राजनीतिक, सामाजिक हैसियत घटा दी है लेकिन उनकी आदतें नहीं बदली हैं। तभी केंद्र सरकार, राज्यों की सरकारों, भाजपा और संघ आदि को लेकर हर दिन कोई न कोई कहानी चलती रहती है। जैसे अभी कहानी चल रही है कि दशकों बाद केंद्र में कोई उप प्रधानमंत्री बन सकता है। यह कहानी कई सोर्सेज से सुनाई जा रही है और सोशल मीडिया इससे भरा पड़ा है। कहा जा रहा है कि अमित शाह ने दो टूक कहा है कि भले नरेंद्र मोदी अगले 10 साल प्रधानमंत्री रहें लेकिन उनको उप प्रधानमंत्री बना कर उत्तराधिकार की लाइन तय कर दें।

कहा जा रहा है कि अमित शाह चाहते हैं कि मोदी यह स्पष्ट कर दें कि उनके बाद प्रधानमंत्री अमित शाह बनेंगे। इसके पीछे लंबी चौड़ी कहानी बनाई गई है। कहा जा रहा है कि अमित शाह को इस बात की चिंता है कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ अगर अगली बार चुनाव जीत कर फिर मुख्यमंत्री बनते हैं तो वे प्रधानमंत्री पद के लिए और मजबूत दावेदार हो जाएंगे। ध्यान रहे नरेंद्र मोदी भी गुजरात में लगातार तीसरी बार चुनाव जीत कर मुख्यमंत्री बनने के बाद ही दिल्ली कूच के लिए तैयार हुए थे। सो, कहा जा रहा है कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य का तीन बार चुनाव जीत कर मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी की महत्वाकांक्षाएं बढ़ेंगी और तब उनको रोकना मुश्किल होगा। पहले ही देवेंद्र फड़नवीस की भी एक चुनौती खड़ी हो रही है। सो, मंत्रिमंडल फेरबदल में डिप्टी पीएम बनाए जाने की चर्चा जोर पकड़ रही है। पता नहीं अमित शाह का कोई शुभचिंतक ऐसी बातें फैला रहा है या उनका कोई दुश्मन?

By NI Political Desk

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