झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्विट्जरलैंड के दावोस गए हैं। पहली बार झारखंड का कोई मुख्यमंत्री विश्व आर्थिक मंच की बैठक में हिस्सा लेने के लिए दावोस गया है। इस तरह हेमंत सोरेन बिग लीग में शामिल हो गए हैं। दावोस जाने वाले मुख्यमंत्रियों की सूची में हिंदी पट्टी के सिर्फ दो ही मुख्यमंत्रियों के नाम हैं। एक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव हैं तो दूसरे झारखंड के हेमंत सोरेन हैं। इनके अलावा सारे ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जो औद्योगिक रूप से विकसित राज्यों के हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस से लेकर आंध्र प्रदेश के चंद्रबाबू नायडू और तेलंगाना के रेवंत रेड्डी इसमें शामिल होने गए हैं।
मुख्यमंत्रियों के अलावा कई केंद्रीय मंत्री भी इसमें शामिल होने गए हैं। दुनिया के तीन हजार से ज्यादा सबसे महत्वपूर्ण लोग दावोस पहुंचे हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने पांच मंत्रियों के साथ गए हैं। इस बार वहां अमेरिका ने यूएस हाउस बनाया है। ज्यादातर बड़े उद्योगपति और प्रौद्योगिकी से जुड़े लोग पहुंचे हैं। सवाल है कि वहां हेमंत सोरेन क्या बेचेंगे? किस तरह का एमओयू साइन करेंगे? ध्यान रहे पहले कई बार घरेलू निवेश सम्मेलनों में लाखों करोड़ रुपए के एमओयू साइन हुए लेकिन जमीन पर कुछ नहीं उतरा। तभी उनकी दावोस यात्री की कामयाबी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।


