वैसे इस सवाल का जवाब भारत के विशेष संदर्भ में ज्यादा मुश्किल नहीं है। प्रादेशिक पार्टियों में सुप्रीमो के नहीं रहने पर परिवार का ही कोई सदस्य कमान संभालता ह। इसलिए यह मानना चाहिए कि अजित पवार के निधनु के बाद उनकी पार्टी की कमान परिवार का कोई सदस्य ही संभालेगा। लेकिन सवाल है कि परिवार का कौन सा सदस्य संभालेगा? इसका जवाब यह है कि जो उप मुख्यमंत्री बनेगा और बारामती सीट से उपचुनाव लड़ेगा वह पार्टी संभालेगा। वह कौन होगा? उनके परिवार के कई सदस्य राजनीति में सक्रिय हैं। पहली संभावना तो यह है कि उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार पार्टी की कमान संभालें। वे परदे के पीछे से बहुत समय से राजनीति देखती रही हैं लेकिन अभी वे राज्यसभा सांसद बन गई हैं। इससे पहले उन्होंने बारामती सीट पर सुप्रिया सुले के खिलाफ लोकसभा का चुनाव भी लड़ा था। सो, अब वे पूरी तरह से राजनीति में रमी हुई हैं। उनके बेटे पार्थ पवार भी चुनाव लड़ चुके हैं। हालांकि चुनाव हारने के बाद उन्होंने राजनीति से तौबा कर ली और बिजनेस संभालने लगे। पिछले दिनों उनकी कंपनी को एक जमीन ट्रांसफर किए जाने का बड़ा विवाद बना था।
अजित और सुनेत्रा पवार के दूसरे बेटे जय पवार अभी राजनीति में नहीं आए हैं। सुनेत्रा, पार्थ और जय पवार के अलावा यह भी संभावना जताई जा रही है कि दोनों एनसीपी का विलय हो जाए और शरद पवार कुछ दिन तक कमान संभालें। लेकिन उनकी उम्र 85 साल हो गई है और सेहत भी ठीक नहीं है। तो क्या विलय के बाद शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले पार्टी की कमान संभाल सकती हैं? इसकी संभावना कम है क्योंकि सुप्रिया सुले भले कई बार से सांसद बन रही हैं लेकिन जमीनी स्तर पर उनकी पकड़ नहीं है। शरद पवार के पास समय होता तो वे परिवार की तीसरी पीढ़ी को तैयार करते। लेकिन वह अभी तुरंत संभव नहीं है। परिवार के बाहर तीन नेताओं के नाम की चर्चा चल रही है। पहला नाम प्रफुल्ल पटेल का है, जो राज्यसभा सांसद हैं और केंद्रीय मंत्री रहे हैं। उनके अलावा अजित पवार के करीबी रहे सुनील तटकरे और गोपीनाथ मुंडे के भतीजे धनंजय मुंडे के नाम की भी चर्चा है।
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