दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन पर फिर से गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। सिसोदिया पहले शराब नीति घोटाले में गिरफ्तार हुए थे और सत्येंद्र जैन हवाला के मामले में जेल में रहे थे। लेकिन अब स्मार्ट क्लासरूम बनाने के मामले में कथित तौर पर घोटाला हुआ है और इसमें दोनों के सिर पर तलवार लटक रही है। इस सिलसिले में केंद्रीय एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने दोनों को समन भेजा था। सत्येंद्र जैन समन पर हाजिर हुए और उनसे एक बार पूछताछ हो चुकी है। लेकिन सिसोदिया पूछताछ के लिए हाजिर नहीं हुए थे। उनको दोबारा समन जारी किया गया है।
इस बीच ईडी ने दिल्ली में 18 जून को बड़ी छापेमारी की। दिल्ली में 37 जगहों पर ईडी ने छापा मारा और ढेर सारे दस्तावेज व कंप्यूटर के हार्डडिस्क जब्त किए। बताया जा रहा है कि कई ठेकेदारों के यहां छापा मारा गया है, जिन्होंने अनापशनाप बिल बना कर आम आदमी पार्टी की सरकार से भुगतान कराया था। मामला दो हजार करोड़ रुपए के घोटाले का बताया जा रहा है। जानकार सूत्रों का कहना है कि स्मार्ट क्लास से जुड़े कथित घोटाले में एजेंसी के पास दोनों पूर्व मंत्रियों को गिरफ्तार करने के पर्याप्त सबूत हैं। हालांकि अगर सबूत नहीं भी हों तो एजेंसी को गिरफ्तार करने में समस्या नहीं आती है। तभी कहा जा रहा है कि एक दो बार की पूछताछ के बाद दोनों को सहयोग नहीं करने के आरोप में गिरफ्तार किया जा सकता है। लेकिन साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि दोनों नेताओं के सिर पर तलवार लटका कर रखा जाएगा।
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