वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी इस समय दोहरी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। वैसे यह कोई बड़ी या अनहोनी बात नहीं है। कुछ समय पहले तक जेपी नड्डा भी दोहरी जिम्मेदारी निभा रहे थे। वे राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री दोनों थे। सीआर पाटिल भी गुजरात के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री थे। इसी तरह केंद्रीय राज्य मंत्री पंकज चौधरी को पिछले दिनों उत्तर प्रदेश का अध्यक्ष बनाया गया तो वे दोहरी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। पहले कहा जा रहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी सरकार में फेरबदल करेंगे तो पंकज चौधरी को मंत्री पद से मुक्त कर दिया जाएगा और वे उत्तर प्रदेश के संगठन की जिम्मेदारी संभालेंगे।
लेकिन अब कहा जा रहा है कि नरेंद्र मोदी पता नहीं कब मंत्रिमंडल में फेरबदल करेंगे इसलिए उसका इंतजार करने की बजाय पंकज चौधरी का मंत्री पद से इस्तीफा कराया जाए। पहले इसलिए इस्तीफा नहीं कराया गया क्योंकि वे वित्त राज्यमंत्री थे और बजट की तैयारी चल रही थी। बजट से पहले वित्त राज्य मंत्री का इस्तीफा होता तो उसका गलत मैसेज जाता, भले बजट बनाने में उनका कोई रोल हो या नहीं हो। अब बजट पेश हो गया है तो कहा जा रहा है कि पंकज चौधरी इस्तीफा देंगे। ध्यान रहे उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है और अगले साल मार्च में वहां चुनाव होने वाले हैं। इसलिए वहां दोहरी जिम्मेदारी वाला नेता नहीं चलेगा।


