राज्य-शहर ई पेपर व्यूज़- विचार

यूपी कांग्रेस में कुछ और बदलेगा क्या?

उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी ने राज्य के प्रभारी अविनाश पांडे को हटा दिया। उनकी जगह दलित समुदाय से आने वाले और आम आदमी पार्टी से कांग्रेस में आए राजेंद्र पाल गौतम को प्रदेश का प्रभारी बनाया गया। वे थोड़े दिन पहले बिना बुलाई औऱ बिना समय लिए बसपा प्रमुख मायावती के घर पहुंच गए थे। उनके साथ कांग्रेस के कुछ और नेता थे। ये नेता बसपा से तालमेल की अपील कर रहे थे। बहरहाल, अब फिर चर्चा शुरू हो गई है कि प्रभारी के बाद प्रदेश अध्यक्ष भी बदला जा सकता है। अजय राय की जगह नया अध्यक्ष लाने की बात हो रही है। हालांकि अजय राय को प्रियंका गांधी वाड्रा का करीबी माना जाता है और वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ पिछला चुनाव लड़ कर वे भाजपा विरोध का मजबूत चेहरा बने हैं। उनसे भाजपा के कोर सवर्ण वोट में सेंध लगने की संभावना भी है।

इसके बावजूद बदलाव की चर्चा इसलिए शुरू हुई है क्योंकि प्रदेश के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम से उनकी नहीं बन रही है। दोनों साथ मिल कर काम नहीं कर रहे हैं। पिछले दिनों एक घटनाक्रम में पूरे प्रदेश ने इसे देखा। रामपुर में सपा नेता आजम खां की बनाई जौहर यूनिवर्सिटी को तोड़े जाने के फैसले के विरोध में कांग्रेस नेताओं को वहां जाकर एकजुटता दिखानी थी। अजय राय पहले जौहर यूनिवर्सिटी पहुंच गए। थोड़ी देर के बाद राजेंद्र पाल गौतम को पहुंचना था। लेकिन अजय राय उनके इंतजार के लिए नहीं रूके। सोचें, कांग्रेस में प्रभारी से बाहर कोई नहीं जाता है क्योंकि आलाकमान सिर्फ प्रभारी की सुनता है। पर अजय राय ने प्रभारी को कोई महत्व नहीं दिया। बहरहाल, कहा जा रहा है कि आठ अगस्त को राहुल गांधी की यूपी यात्रा में इस बारे में कोई फैसला होगा। हो सकता है कि राहुल दोनों में मेल मिलाप करा कर साथ काम करने के लिए तैयार करें।

Tags :

By NI Political Desk

Get insights from the Nayaindia Political Desk, offering in-depth analysis, updates, and breaking news on Indian politics. From government policies to election coverage, we keep you informed on key political developments shaping the nation.

Leave a comment