केंद्र सरकार ने युवा शक्ति का बजट पेश करने का दावा किया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए यह बात कही तो बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पहली प्रतिक्रिया में कहा कि यह युवा शक्ति का बजट है। जेन जी का जिक्र जरूर ऐसे मामलों में किया जाता है। हालांकि केंद्र सरकार ने भी बजट में बुजुर्गों को ध्यान में रखते हुए डेढ़ लाख केयरगिवर तैयार करने का प्रावधान किया है। उधर केरल में सीपीएम के नेतृत्व वाली लेफ्ट मोर्चे की सरकार ने पूरा बजट ही सीनियर सिटिजन को समर्पित किया है। गौरतलब है कि वहां अप्रैल में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं और चुनावी बजट में सरकार का फोकस वरिष्ठ नागरिकों पर है।
इसका कारण यह है कि भारत जहां दुनिया में सबसे अधिक युवा आबादी वाला देश है तो भारत में केरल सबसे ज्यादा बुजुर्ग आबादी वाला प्रदेश है। 2021 की ओक रिपोर्ट के मुताबिक केरल की 16 फीसदी से ज्यादा आबादी 60 साल से ज्यादा उम्र की है। एक अनुमान के मुताबिक 10 साल बाद यानी 2031 में राज्य की 20 फीसदी आबादी 60 साल से ज्यादा उम्र की होगी। केरल में वैसे भी युवाओं से ज्यादा फोकस बुजुर्गों पर होता है। राजनीति में भी उम्रदराज लोग ज्यादा काम करते हैं। मुख्यमंत्रियों की औसत उम्र देश के दूसरे किसी भी राज्य के मुकाबले ज्यादा होगी। वीएस अच्युतानंदन से लेकर ओमन चांडी और पिनरायी विजयन तक। दूसरी बात यह है कि केरल की युवा आबादी का बड़ा हिस्सा देश के बाहर खास कर खाड़ी देशों में काम करता है। केरल में उनके बुजुर्ग रहते हैं। बाहर काम करने वाले युवा अपने बुजुर्गों के लिए पैसे भेजते हैं और केरल की अर्थव्यवस्था में उसका बड़ा योगदान होता है। सो, केरल सरकार ने बुजुर्गों पर ध्यान दिया है।


