देश के तमाम फिल्म स्टार अपनी स्टाइल, अपनी आवाज और अपने डायलॉग्स के किसी भी रूप में इस्तेमाल पर अदालत से रोक लगवा रहे हैं। सबसे पहले जो अभिनेता इसके लिए अदालत पहुंचे थे उनमें एक अमिताभ बच्चन भी थे। बाद में तो सलमान खान से लेकर अजय देवगन और अभिषेक बच्चन से लेकर ऐश्वर्या राय बच्चन तक सबने अदालत में अपील लगाई और अपने पक्ष में आदेश प्राप्त किया। अदालतों ने आदेश दिया है कि कोई भी व्यक्ति इन अभिनेता, अभिनेत्रियों के स्टाइल की नकल बिना अनुमति के नहीं करेगा। उनकी आवाज में किसी चीज का विज्ञापन करने पर भी पाबंदी है। फिल्म अभिनेताओं से ज्यादा जरुरत महात्मा गांधी को ऐसी चीजों से बचाने की है।
पिछले महीने महात्मा गांधी की पुण्य तिथि आनी 30 जनवरी के आसपास कांग्रेस और भाजपा दोनों की ओर से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए महात्मा गांधी की तस्वीर का इस्तेमाल करके एक दूसरे के खिलाफ संदेश प्रसारित कराया गया। किसी वीडियो में ऐसा लगा, जैसे महात्मा गांधी भाजपा के लिए प्रचार कर रहे हैं तो किसी में लगा कि वे भाजपा की आलोचना कर रहे हैं। इस किस्म के एआई जेनरेटेड वीडियो सामने आने के बाद कई सामाजिक संगठनों और गांधीवादी संस्थाओं ने इसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। असम कांग्रेस ने भी इसकी शिकायत की। साइबर अपराध शाखा को शिकायतें दी गई हैं। लेकिन यह सिर्फ पुलिस का मामला नहीं है। सभी पार्टियों को और सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए। यह कानून बनना चाहिए कि कोई भी व्यक्ति या संस्था या पार्टी महात्मा गांधी की तस्वीर और आवाज का इस्तेमाल करके किसी भी तरह का एआई जेनरेटेड कंटेंट नहीं तैयार करे। अगर कोई ऐसा करता है तो इसे राष्ट्रीय प्रतीक के दुरुपयोग और अपमान का मामला मान कर कार्रवाई की जानी चाहिए।
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