त्रिपुरा की पार्टी तिपरा मोथा के नेता प्रद्योत देबबर्मा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान का तीखा जवाब दिया है। त्रिपुरा में चुनाव प्रचार करने पहुंचे अमित शाह ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस और लेफ्ट मिल कर लड़ रहे हैं लेकिन परदे के पीछे से तिपरा मोथा के साथ भी उनका तालमेल है। उन्होंन कहा था कि तिपरा मोथा एक तरह से भाजपा और लेफ्ट की बी टीम है। सोचें, दो फरवरी को नाम वापसी की तारीख समाप्त होने से थोड़े दिन पहले तक भाजपा के नेता तिपरा मोथा के साथ तालमेल की बात कर रहे थे। प्रद्योत देबबर्मा और उनकी पार्टी के तमाम नेताओं के साथ दिल्ली में भाजपा के आला नेताओं की बैठक हुई थी और अब भाजपा उसको कांग्रेस और लेफ्ट की बी टीम बता रही है!
प्रद्योत देबबर्मा ने इसका तीख जवाब दिया और कहा कि भाजपा के अधिकार नहीं है कि वह पूर्वोत्तर की किसी पार्टी को किसी दूसरी पार्टी की बी टीम बताए क्योंकि पूर्वोत्तर में भाजपा ही बी टीम है। तकनीकी रूप से यह पूरी तरह से सही है। त्रिपुरा, मणिपुर और असम को छोड़ कर पूर्वोत्तर के चार राज्यों में भाजपा प्रादेशिक पार्टियों की बी टीम है। मेघालय में वह सरकार में शामिल थी लेकिन उसके सिर्फ दो विधायक जीते थे। इसी तरह नगालैंड में उसके 12 विधायक जीते थे लेकिन इस बार सत्तारूढ़ एनडीपीपी ने उसके लिए गठबंधन में 20 सीटें छोड़ी हैं। सिक्किम में पवन चामलिंग की पार्टी के विधायक बाद में भाजपा से जुड़े तो उसकी संख्या 12 पहुंची वहां भी वह प्रेम सिंह तमांग की पार्टी की बी टीम है। मिजोरम में भी भाजपा का सिर्फ एक विधायक है। प्रद्योत देबबर्मा ने यह भी याद दिलाया कि कुछ समय पहले तक भाजपा असम में भी असम गण परिषद की बी टीम थी।
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