श्रीलंकाई तेज गेंदबाज माल्की मादरा को बांग्लादेश के खिलाफ महिला क्रिकेट विश्व कप मैच के दौरान आईसीसी आचार संहिता के लेवल 1 का उल्लंघन करने के लिए फटकार लगाई गई है। श्रीलंका ने 20 अक्टूबर को डीवाई पाटिल स्पोर्ट्स एकेडमी में खेले गए मुकाबले में 7 रन से जीत दर्ज की थी।
माल्की को आईसीसी आचार संहिता के अनुच्छेद 2.5 का उल्लंघन करते पाया गया, जो किसी अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान बल्लेबाज के आउट होने पर अपमानजनक भाषा, व्यवहार या हाव-भाव का प्रयोग करने या आक्रामक प्रतिक्रिया भड़काने से संबंधित है।
इसके अलावा, मादरा के अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट अंक जोड़ा गया है। यह 24 महीनों के अंतराल में उनका पहला अपराध था।
यह घटना बांग्लादेशी पारी के 11वें ओवर की है। ओवर की दूसरी गेंद पर फरगाना होक के रन आउट होने के बाद माल्की ने उनके पास जाकर जश्न मनाया, जिससे प्रतिक्रियात्मक प्रतिक्रिया भड़कने की आशंका पैदा हो गई।
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मैदानी अंपायर कैंडेस ला बोर्डे और सारा दंबनेवाना ने थर्ड अंपायर लॉरेन एगेनबैग और फोर्थ अंपायर क्लेयर पोलोसाक के साथ मिलकर आरोप तय किए। माल्की ने अपराध स्वीकार कर लिया। ऐसे में औपचारिक सुनवाई की कोई आवश्यकता नहीं पड़ी।
लेवल 1 के उल्लंघन के लिए न्यूनतम आधिकारिक फटकार से लेकर खिलाड़ी की मैच फीस के अधिकतम 50 प्रतिशत तक की सजा और एक या दो डिमेरिट अंक दिए जा सकते हैं।
मुकाबले की बात करें, तो श्रीलंकाई टीम 48.4 ओवरों में 202 रन पर सिमट गई। इस टीम के लिए हसीनी परेरा ने सर्वाधिक 85 रन बनाए, जबकि कप्तान चामरी अथापथु ने 46 रन की पारी खेली। विपक्षी टीम की ओर से शोर्ना अख्तर ने सर्वाधिक 3 विकेट हासिल किए।
इसके जवाब में बांग्लादेशी टीम 50 ओवरों में 9 विकेट खोकर 195 रन ही बना सकी। टीम के लिए कप्तान निगार सुल्ताना ने 77 रन बनाए, जबकि शर्मिन अख्तर ने 64 रन की पारी खेली। श्रीलंका की ओर से अथापथु ने 4 विकेट निकाले।
इस जीत के साथ श्रीलंका ने सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदें बरकरार रखी हैं, लेकिन इस टीम को अभी भी कई अन्य नतीजों पर निर्भर रहना होगा। श्रीलंका के साथ फिलहाल भारत और न्यूजीलैंड शीर्ष चार में जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
Pic Credit : ANI
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