दर्दनाक:  फौज में शामिल होने के बाद पहली बार 3 जून को घर आने वाला था ‘लाल’, अब उसी दिन पहुंचेगा पार्थिव शरीर

गाजीपुर |  सेना की नौकरी करना आसान बात नहीं है. जवानों के साथ ही घर वालों को भी अपने दिल पर पत्थर रखना पड़ता है. सेना में काम करने वाले परिवार के लोगों को कभी भी अप्रत्याशित सूचना मिल सकती है. ऐसा ही एक मामला गाजीपुर से सामने आया है. जानकारी के अनुसार पिछले साल सेना में भर्ती होने के बाद जवान पहली बार छुट्टी पर गाजीपुर अपने घर लौट रहा था. बेटे के घर आने की खबर से पूरा परिवार काफी खुश था. लेकिन शायद इनकी खुशियों को किसी की नजर लग गई. बेटे के लौटने वाले दिन के एक दिन पहले परिवार वालों को सूचना मिली की उनका बेटे अभिषेक यादव की एक सड़क हादसे में मृत्यु हो गई. इस खबर के मिलने से खुशियां मातम में बदल गई. 3 जून को पहली बार छुट्टियों में घर आ रहा था अभिषेक गाजीपुर के हरियाबाद थाना क्षेत्र के वृंदावन गांव निवासी रामजनम यादव का 23 वर्षीय पुत्र अभिषेक यादव पिछले साल सेना में भर्ती हुआ था और असम में तैनात था. अभिषेक नौकरी पाने के बाद पहली छुट्टी पर 3 जून को घर आने वाला था लेकिन 30 मई को जवानों की जीप खाई में पलट गई और हादसे… Continue reading दर्दनाक: फौज में शामिल होने के बाद पहली बार 3 जून को घर आने वाला था ‘लाल’, अब उसी दिन पहुंचेगा पार्थिव शरीर

एलओसी पर तीन महीने से एक गोली नहीं चली!

नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी एलओसी पर पिछले तीन महीने से एक भी गोली नहीं चली है। भारत के सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। इससे ऐसा लग रहा है कि दोनों देशों के बीच संबंधों में और आगे और सुधार हो सकता है। जनरल नरवणे ने समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि यह दोनों देशों के बीच संबंध सुधार का पहला कदम हो सकता है। सेना प्रमुख ने कहा- बॉर्डर पर लगातार कम होती घुसपैठ और आतंकी घटनाओं से दोनों देशों के संबंधों में सुधार होगा। जम्मू कश्मीर की स्थिति का जिक्र करते हुए सेना प्रमुख ने कहा- वहां पिछले एक साल के अंदर हिंसा के मामलों में तेजी से गिरावट देखी गई है। हम आतंकियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। उनकी हथियारों की सप्लाई ब्लॉक कर रहे हैं। कश्मीर में आतंकी घटनाओं के कम होने से पता चलता है कि पाकिस्तान रिश्तों में सुधार चाहता है। जनरल नरवणे ने कहा- पहले कश्मीर के युवा हथियार और ड्रग्स की तस्करी में बड़ी तादद में शामिल रहते थे, लेकिन हमने इन घटनाओं पर लगातार नजर रखी और युवाओं… Continue reading एलओसी पर तीन महीने से एक गोली नहीं चली!

चार धाम यात्रा2021 : पूरे विधि-विधान के साथ खोले गये गंगोत्री धाम के कपाट, सेना का पाइप बैंड भी नहीं हुआ शामिल, इस वर्ष श्रद्धालु नहीं कर सकेंगे चार धाम यात्रा

14 मई को यमनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ विश्व प्रसिद्ध चार धाम यात्रा का श्री गणेश हो चुका है। आज शनिवार के दिन शुभ मुहुर्त में सुबह-सुबह गंगोत्री धाम के कपाट भी खुल गये है। अक्षय तृतीया के मिथुन लग्न की शुभ बेला पर शनिवार को आज प्रात: साढ़े सात बजे पर विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम के कपाट छह माह के लिए खोल दिए गए। हर वर्ष गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट एकसाथ अलग-अलग मुहुर्त में खोले जाते है लेकिन इस वर्ष अलग दिन खोले गये। गंगोत्री धाम के कपाट आज सुबह 7ः30 बजे खोल दिये गये है। इस वर्ष कोरोना महामारी का संकट मंडरा रहा है। इस कारण भारत में हालत अत्यंत खराब है। इसके मद्देनज़र उतराखंड सीएम तीरथ सिंह रावत ने चार धाम पर प्रतिबंद्ध लगा दिया है। इस वर्ष श्रद्धालुओं के चारधाम यात्रा पर रोक लगाई हुई है। कोरोना महामारी के मद्देनजर सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार इस बार बिना श्रद्धालुओं के कपाट खोले गए। कपाटोद्घाटन पर पहली पूजा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व प्रदेश के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत द्वारा भेंट स्वरूप भेजी गई 1101-1101 रुपये की धनराशि के साथ हुई। कपाट खुलते समय सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया। और… Continue reading चार धाम यात्रा2021 : पूरे विधि-विधान के साथ खोले गये गंगोत्री धाम के कपाट, सेना का पाइप बैंड भी नहीं हुआ शामिल, इस वर्ष श्रद्धालु नहीं कर सकेंगे चार धाम यात्रा

दस लाख का नोट फिर भी इतना सस्ता

अब तक का सबसे बड़ा नोट जिसकी कीमत सुनकर आप भी एक बार चौक जाएंगे। ऐसे नोट को ज़ारी करने वाला देश बना है वेनेजुएला। इस नोट की कीमत है  दस लाख बोलिवर। वेनेजुएला की मुद्रा का नाम बोलिवर है। लेकिन इस नोट की कीमत मात्र 0.23 डॉलर ही रहेगी। और इसके साथ ही यह भी चौकाने वाली बात है कि वेनेजुएला में भारत के एक रूपये की कीमत 25584.66 बोलीवर है और दूनिया का सबसे बड़ा नोट माने जा रहे दस लाख बोलीवर को नोट की कीमत मात्र 36 रूपये है। यानी आप इसे ऐसे भी समझ सकते है कि भारत में यदि आप आधा किलो चावल 36 रूपये में खरीद सकते है तो इन्हीं आधा किलो चावल के लिए आपको वेनेजुएला में दस लाख का नोट देना होगा। वेनेजुएला में आलम यह है कि लोग बैग और बोरो में भरकर नोट ले जाते है और पॉलिथीन में सामान खरीद कर लाते है। इसलिए इस असुविधा से बचने के लिए वहां की सरकार ने बड़े मुल्यों का नोट छापने की योजना बनाई है। इसे भी पढ़ें फ्रांस के मंत्री से क्यों नहीं मिले मोदी? आर्थिक मंदी चपेट में वेनेजुएला वेनेजुएला एक समय में लोटिन अमेरिका का सबसे अमीर देश था… Continue reading दस लाख का नोट फिर भी इतना सस्ता

शरणार्थियों से बेरुखी क्यों?

म्यांमार के शरणार्थियों के मामले में भारत सरकार ने क्यों निर्मम रुख अपना रखा है, इसे समझना मुश्किल है। रोहिंग्या शरणार्थियों के बारे में सरकार के ऐसे रुख पर समझा गया था कि चूंकि रोहिंग्या मुसलमान हैं, इसलिए ये मौजूदा भाजपा सरकार की हिंदुत्व की नीति से मेल नहीं खाते। सरकार किसी रूप में मुस्लिम शरणार्थियों के प्रति नरम रुख अपनाते नहीं दिखना चाहती। लेकिन अब आ रहे शरणार्थी बौद्ध हैं, जिन्हें बेरहमी से म्यांमार लौटाने पर सरकार तुली हुई है। क्या वह म्यांमार के सैनिक शासकों को नाराज नहीं करना चाहती, ताकि वे पूरी तरह चीन की गोद में ना चले जाएं? या उसे लगता है कि आज लोकतंत्र और मानव अधिकार के नाम पर जो दबाव उन सैनिक शासकों पर पड़ा है, वह कभी घूम फिर कर भारत सरकार पर भी आ सकता है? इन तथ्यों पर गौर करें। पिछले दिनों म्यांमार के कई निर्वाचित जन प्रतिनिधि भाग कर भारत आ गए। पूर्व नेशनल लीड फॉर डेमोक्रेसी सरकार (जिसका तख्ता पलटा गया) से जुड़ी संस्था सीआरपीएच के मुताबिक उन जन प्रतिनिधियों को डर था कि कई और जन-प्रतिनिधियों की तरह सेना उन्हें भी हिरासत में ले लेगी। उधर भारत के पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है और कहा… Continue reading शरणार्थियों से बेरुखी क्यों?

Jammu and Kashmir : कश्मीर में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों में मुठभेड़, 3 आतंकवादी मारे गए

जम्मू-कश्मीर (J&K) के शोपियां जिले के हादीपोरा में हुई एक मुठभेड़ में 3 आतंकवादी मारे गए हैं। Army ने कहा है कि शोपियां के हादीपोरा में जिन 3 आतंकवादियों को मार गिराया गया है, उनके पास 1 एके राइफल और 1 पिस्तौल बरामद की गई है।

म्यांमारः भारत दृढ़ता दिखाए

म्यांमार में सेना का दमन जारी है। 600 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। आजादी के बाद भारत के पड़ौसी देशों— पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, नेपाल, मालदीव— आदि में कई बार फौजी और राजनीतिक तख्ता-पलट हुए और उनके खिलाफ इन देशों की जनता भड़की भी लेकिन म्यांमार में जिस तरह से 600 लोग पिछले 60-70 दिनों में मारे गए हैं, वैसे किसी भी देश में नहीं मारे गए। म्यांमार की जनता अपनी फौज पर इतनी गुस्साई हुई है कि कल कुछ शहरों में प्रदर्शनकारियों ने फौज का मुकाबला अपनी बंदूकों और भालों से किया। म्यांमार के लगभग हर शहर में हजारों लोग अपनी जान की परवाह किए बिना सड़कों पर नारे लगा रहे हैं। लेकिन फौज है कि वह न तो लोकनायक सू ची को रिहा कर रही है और न ही अन्य छोटे-मोटे नेताओं को! उन पर उल्टे वह झूठे आरोप मढ़ रही है, जिन्हें हास्यास्पद के अलावा कुछ नहीं कहा जा सकता। यूरोप और अमेरिका के प्रतिबंधों के बावजूद म्यांमार की फौज अपने दुराग्रह पर क्यों डटी हुई है ? इसके मूल में चीन का समर्थन है। चीन ने फौज की निंदा बिल्कुल नहीं की है। अपनी तटस्थ छवि दिखाने की खातिर उसने कह दिया है कि फौज और… Continue reading म्यांमारः भारत दृढ़ता दिखाए

General Sagat Singh Story : जनरल सगतसिंह थे जिनकी वजह से भी पूर्वी पाकिस्तान आज बांग्लादेश है

General Sagat Singh Rathore Story : जयपुर | मोदीजी एक दिन पहले बोल गए कि बांग्लादेश की स्वाधीनता में उनका भी किंचित योगदान है। रहा होगा, बहुतों का रहा है। इसीलिए तो इंदिरा गांधी ने दुनिया के नक्शे से पूर्वी पाकिस्तान का निशान और नाम दोनों मिटा दिया। नया राष्ट्र मिला बांग्लादेश, लेकिन एक कहानी लेफ्टीनेंट जनरल सगत सिंह राठौड़ की भी है, जिनकी वजह से भारतीय सेना का जज्बा पूर्वी पाकिस्तान में घुसकर वहां बांग्लादेश नाम के एक नए मुल्क की स्थापना के लिए प्रभावी हो सका। परन्तु हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सम्बोधन में सगत सिंह अन्य में सिमटकर रह गए। पीएम मोदी द्वारा सगतसिंह का नाम सायास या अनायास भुला दिया जाना कोई नई बात नहीं है, पहले की सरकारों ने भी इस महान कमांडर को उनके महान कामों के बदले भूल जाना ही बेहतर समझा। आपकी जानकारी में रहे कि भारत की ओर से जनरल सगत सिंह ( General Sagat Singh Rathore Story ) बांग्लादेश के पहले प्रशासक थे। 1970 में उनको परम विशिष्ट सेवा मैडल, 1972  मिला, लेकिन देशहित में सीनियर्स की जिद भरी मांगों की नाफरमानी की कीमत सगत को हमेशा चुकानी पड़ी। परन्तु इसका उन पर और उनके काम पर कोई फर्क नहीं पड़ा।… Continue reading General Sagat Singh Story : जनरल सगतसिंह थे जिनकी वजह से भी पूर्वी पाकिस्तान आज बांग्लादेश है

तो अब सेना में भी?

अब खुद कुछ पूर्व सैन्य अधिकारियों ने कहा है कि सेना में भ्रष्टाचार को रोकने के पर्याप्त इंतजाम हैं, इसके बावजूद इस मामले को देखते हुए यह नहीं कहा जा सकता कि सेना भ्रष्टाचार से परे है। लेकिन अगर सेना भी भ्रष्टाचार से परे नहीं है, तो फिर देश की सुरक्षा का क्या हाल होगा?

श्रीनगर में सेना के अधिकारी ने की खुदकुशी

भारतीय सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आज जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर शहर के बाहरी इलाके में स्थित सेना के एक डिपो में कथित रूप से आत्महत्या कर ली।

जयशंकर -वांग यी ने सवा घंटे तक बात की

पूर्वी लद्दाख के पैंगोंग झील इलाके में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत एवं चीन की सेनाओं के पीछे हटने पर संतोष व्यक्त करते हुए भारत ने चीन से एलएसी के बाकी हिस्सों से भी सेनाओं

म्यांमार में सेना ने किया तख्तापलट

म्यांमार की सेना ने स्टेट काउंसलर आंग सान सु की और राष्ट्रपति विन मिंट तथा सत्तारूढ पार्टी के अन्य सदस्यों को सोमवार को हिरासत में लेने के बाद एक साल के लिए देश में आपातकाल स्थिति की घोषणा की।

सीएसडी से ऑनलाइन खरीद सकेंगे कार, टीवी, फ्रिज

सेना तथा अर्द्धसैन्य बलों के कैंटीन स्टोर्स डिपार्टमेंट (सीएसडी) लाभार्थी अब घर बैठे कार, टेलीविजन, फ्रिज आदि ऑनलाइन खरीद सकेंगे।

सेना ने नागरिकों को घरों से जबरन बाहर निकाला : महबूबा

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) प्रमुख एवं जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सेना पर कल मध्यरात्रि में नागरिकों को घर से जबरन बाहर निकालने और उनकी पिटाई करने का आरोप लगाया और कहा कि ऐसा लगता है कि यह भारत में जम्मू-कश्मीर को एकीकृत करने के लिए केंद्र की दृष्टि है।

पाक सैनिकों की फिर गोलीबारी

पाकिस्तानी सैनिकों ने जम्मू-कश्मीर के कठुआ और राजौरी जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर अग्रिम चौकियों और गांवों को निशाना बनाया।

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