न जहां अच्छा, न समय और न खाना!
कल रात फिर बिजली कड़की, आंधी आई और बारिश हुई! इतनी की बगल का पार्क सुबह तालाब बना हुआ था। मई का महीना और सुबह चौमासे जैसी! पार्क में पलास (टेसू के फूल) का पेड़ वसंत (मार्च) में खिलने वाले लाल-गुलाबी फूल लिए हुए है। इतनी भर गनीमत जो इस सुबह आंधी से पेड़ों के झड़े पते नही थे। जबकि मई की शुरुआत में तो पतझड़ भी दिखा। हर आंधी-बारिश के बाद तब सड़कों पर टूटे पेड़ों और पतों का अंबार जमा मिला था। सो यह इस समय का प्रत्यक्ष सत्य है कि मई में गर्मी, बारिश, वसंत, पतझड़ सबका...