IMF प्रमुख का पद छोड़ने जा रही Gita Gopinath, फिर से लौटेंगी शिक्षण कार्य में

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की प्रमुख गीता गोपीनाथ (Gita Gopinath) IMF प्रमुख का पद छोड़ने जा रही है।

पेट्रोल-डीजल के दामों में भारत से आगे निकला पाकिस्तान, Price जानकर रह जाओगे दंग

Petrol-Diesel Price Hike: कोरोना काल में लोगों को कई तरह की समस्याओ का सामना करना पड़ा है और सबसे ज्यादा उन लोगो को परेशानी हुई है जिनकी आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी। जहां भारत में पेट्रोल के भाव 100 के ऊपर चले गए है वही इमरान खान सरकार ने भारत को पीछे छोड़ते पेट्रोल की कीमतों में 5.40 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है साथ ही हाई स्पीड डीजल भी 2.54 रुपये प्रति लीटर महंगा कर दिया है जिससे आम लोगो पर एक नया बोझ आ गया है। इसके अलावा केरोसीन 87.14 रुपये और LDO 84.67 रुपये प्रति लीटर हो गया है। कंगाली से जूझ रहा है पाकिस्तान Petrol-Diesel Price Hike: पाकिस्तान में पेट्रोल 118.09 रुपये प्रति लीटर, डीजल 116.5 रुपये प्रति लीटर हो गया है। एक साथ कीमतों में इतनी बढ़ोत्तरी से यह साफ दिखा रहा है की पाकिस्तान ने दुनिया के कई देशों से जो कर्जा लिया हुआ है उसको चुकाने की अवधि निकट आ चुकी है इसलिए इमरान सरकार ने लोगो के पास से पैसा निकलवाकर इस समस्या को सुलझाना चाहती है। इसे भी पढ़े- Right Or Wrong : दुष्कर्म का प्रयास करने वाले आरोपी की पत्थर से वार कर ले ली जान, पुलिस ने महिला के खिलाफ… Continue reading पेट्रोल-डीजल के दामों में भारत से आगे निकला पाकिस्तान, Price जानकर रह जाओगे दंग

बंगलादेश को 73.2 करोड़ डॉलर देगा आईएमएफ

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) कोविड-19 महामारी से लड़ने के लिए बंगलादेश को करीब 73.2 करोड़ डॉलर देगा। आईएमएफ के कार्यकारी बोर्ड ने

एशिया की विकास दर शून्य हो सकती

कोरोना वायरस महामारी के कारण इस साल एशिया की आर्थिक वृद्धि दर शून्य रह सकती है। यदि ऐसा हुआ तो यह पिछले 60 साल का सबसे बुरा प्रदर्शन होगा।

1930 के बाद सबसे खराब आर्थिक गिरावट : आईएमएफ

दुनियाभर के देश कोरोना वायरस के प्रकोप से घिरे हुए हैं। इस बीच अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की प्रबंध निदेशक, क्रिस्टालिना जॉजीर्वा ने कहा है

कैसे संभलेगी अर्थव्यवस्था?

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने इस वित्त वर्ष के लिए भारत की सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर को घटा कर 4.8 प्रतिशत कर दिया है। इसके पहले उसने इसके 6.1 फीसदी रहने अनुमान जताया था। आईएमएफ की मुख्य अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ की यह टिप्पणी भारत के लिए कहीं अधिक चिंता का विषय है कि सामाजिक अशांति आर्थिक विकास के लिए हानिकारक है। गोपीनाथ ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून विरोधी आंदोलन पर आईएमएफ की नजर है और इस बारे में वह अप्रैल में जारी होने वाली अगली रिपोर्ट में टिप्पणी करेगा। आईएमएफ ने भारत को विश्व अर्थव्यवस्था की विकास दर को पीछे खींचने वाले देश के रूप में चित्रित किया है। जिस देश को इस सदी के आरंभ में विश्व अर्थव्यवस्था के इंजन माने गए देशों में रखा गया था, उसके लिए ऐसी टिप्पणी बेहद अफसोसनाक है। नरेंद्र मोदी सरकार को इस पर अवश्य विचार करना चाहिए कि उसके शासनकाल में देश कहां से कहां पहुंच गया। इस स्थिति से देश को निकालने के लिए अब सरकार के पास पर्याप्त संसाधन भी नजर नहीं आते। मसलन, पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग का कहना है कि चालू वित्त वर्ष में सरकार का कर संग्रह निर्धारित लक्ष्य से करीब ढाई लाख… Continue reading कैसे संभलेगी अर्थव्यवस्था?

सेंसेक्स 200 अंक से ज्यादा लुढ़का, निफ्टी भी फिसला

कमजोर कारोबारी रुझानों के बीच आज सेंसेक्स और निफ्टी पिछले सत्र के मुकाबले गिरावट के साथ खुले। दोनों प्रमुख सूचकांकों में लाल निशान के साथ कारोबार चल रहा था। आंरभिक कारोबार में सेंसेक्स 200 अंक से ज्यादा लुढ़का

आईएमएफ की चेतावनी गंभीर

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भारत सरकार से तुरंत कदम उठाने को कहा है, ताकि देश में आर्थिक गिरावट के प्रभावों से निपटा जा सके। मगर उससे ज्यादा चिंता की बात उसका भारत में जीडीपी की गणना के तरीके पर सवाल उठाना है। यह साफ है कि अगर भारत ने इस सवालों पर संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया, तो पहले से ही शक से घिरे देश के आर्थिक आंकड़े और अधिक संदिग्ध हो जाएंगे। किसी देश और उसकी अर्थव्यवस्था के लिए इससे अधिक हानिकारक और कुछ नहीं हो सकता कि उसके आंकड़े संदिग्ध हो जाएं। बहरहाल, अब अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष अब इस निष्कर्ष पर है कि घटती खपत, निवेश और टैक्स से होने वाले आमदनी में आई कमी ने कुछ और कारणों के साथ मिल कर भारत की आर्थिक वृद्धि को रोक दिया है। ईएमएफ की वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया है कि लाखों लोगों को गरीबी से निकालने के बाद भारत अब एक महत्वपूर्ण आर्थिक मंदी की चपेट में है। मौजूदा आर्थिक गिरावट की रोकथाम करने और भारत को ऊंची विकास दर के रास्ते पर वापस लाने के लिए तुरंत नीतिगत कदम उठाए जाने के जरूरत है”।  आईएमएफ ने चेतावनी भी दी है कि सरकार के पास विकास के लिए खर्च… Continue reading आईएमएफ की चेतावनी गंभीर

भारत की आर्थिकी में गंभीर सुस्ती: आईएमएफ

वाशिंगटन। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार रहे अरविंद सुब्रह्मण्यम के बाद अब अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, आईएमएफ ने भी कहा है भारतीय अर्थव्यवस्था इस समय गंभीर सुस्ती के दौर में है और सरकार को इसे उबारने के लिए तत्काल नीतिगत उपाय करने की जरूरत है। आईएमएफ की सोमवार को जारी रिपोर्ट में इसके निदेशकों ने लिखा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में हाल के वर्षों में जो जोरदार विस्तार हुआ है उससे लाखों लोगों को गरीबी से निकालने में मदद मिली। लेकिन 2019 की पहली छमाही में कई कारणों से भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर सुस्त पड़ी है। आईएमएफ के एशिया-प्रशांत विभाग में भारत के लिए मिशन प्रमुख रानिल सलगादो ने न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा को दिए इंटरव्यू में कहा है- भारत के साथ मुख्य मुद्दा अर्थव्यवस्था में सुस्ती का है। हमारा अब भी मानना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में सुस्ती संरचनात्मक नहीं, चक्रीय है। इसकी वजह वित्तीय क्षेत्र का संकट है। इसमें सुधार उतना तेज नहीं होगा, जितना हमने पहले सोचा था। यह मुख्य मुद्दा है। इस दौरान आईएमएफ ने भारत पर अपनी वार्षिक रिपोर्ट भी जारी की है। इसमें भारत के लिए परिदृश्य नीचे की ओर जाने का है। ऐसे में आईएमएफ के निदेशकों ने ठोस वृहद… Continue reading भारत की आर्थिकी में गंभीर सुस्ती: आईएमएफ

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