राष्ट्रीय कथा का नया पैकेजिंग तंत्र
लालकिले से 15 अगस्त 2026 का संबोधन एक साथ दो भारत दिखाता है। पहला वह भारत है जिसे सत्ता प्रस्तुत करना चाहती है—तेज, आत्मनिर्भर, तकनीकी, विश्वशक्ति बनने को तैयार और 2047 की ओर लगभग अविराम गति से बढ़ता हुआ। दूसरा वह भारत है जो इस प्रस्तुति के नीचे मौजूद है—शिक्षा की गुणवत्ता, रोजगार, संस्थागत क्षमता, सार्वजनिक निवेश और युवा बेचैनी के कठिन सवालों से जूझता हुआ।..इन दोनों भारतों के बीच की दूरी ही आने वाले वर्षों की असली राजनीतिक कसौटी होगी। लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री का सालाना संबोधन अब केवल स्वतंत्रता दिवस का भाषण नहीं रहा। वह सत्ता...