दूसरा और तीसरा मोर्चा एक साथ लड़ेगा

Lok Sabha Elections Opposition : अगले लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा के विरोध में दो मोर्चे बनेंगे लेकिन दोनों अलग अलग चुनाव नहीं लड़ेंगे। जानकार सूत्रों का कहना है कि विपक्ष के नेताओं को पता है कि सारी विपक्षी पार्टियों के एक मंच पर लाना या एक गठबंधन में लाना नामुमकिन है। वैचारिक विरोध के अलावा कई पार्टियों के बीच सीधा जमीनी टकराव है। इसलिए एक गठबंधन में सारी पार्टियों को लाने की बजाय दो अलग अलग मोर्चे बनाए जाने की तैयारी है और बाद में दोनों मोर्चों के बीच कहीं आधिकारिक रूप से तो कहीं परदे के पीछे का तालमेल होगा। सीटों के बंटवारे में एडजस्टमेंट की जाएगी। Read Also: ममता की बेचैनी बढ़ रही है जानकार सूत्रों के मुताबिक दूसरा मोर्चा कांग्रेस का होगा, जो अभी यूपीए है। यानी भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के मुकाबले कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूपीए होगा। इसमें कांग्रेस के अलावा एनसीपी, डीएमके, राष्ट्रीय जनता दल, झारखंड मुक्ति मोर्चा, एआईयूडीएफ, सीपीएम, सीपीआई आदि पार्टियां होंगी। इसके अलावा एक तीसरा मोर्चा होगा, जिसमें तृणमूल कांग्रेस, वाईएसआर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तेलंगाना राष्ट्र समिति आदि पार्टियां हो सकती हैं। शिव सेना को लेकर अभी संशय है क्योंकि अगले छह महीने में उसके गठबंधन बदल करने का… Continue reading दूसरा और तीसरा मोर्चा एक साथ लड़ेगा

मोदी नाम का जाप छोड़े विपक्ष!

कांग्रेस और देश की दूसरी विपक्षी पार्टियां नरेंद्र मोदी ( Narendra Modi by Opposition Party ) के प्रति एक किस्म के उन्माद या जुनून से ग्रस्त हैं। दिलचस्प बात यह है कि सारी पार्टियां यह मान रही हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 24 घंटे विरोध करके वे देश और लोकतंत्र की सेवा कर रही हैं। उनको यह बात समझ में नहीं आ रही है कि वे नरेंद्र मोदी के बिछाए जाल में फंस गई हैं, जिसमें से निकले बगैर न उनका भला होना है और न देश, लोकतंत्र का कुछ बनना है। असल में आज जो सारा देश पक्ष या विपक्ष में मोदी-मोदी ( Narendra Modi named by Opposition Party ) कर रहा है वह बहुत रणनीतिक ढंग से बुना गया एक जाल है, जिसमें पहले कांग्रेस पार्टी फंसी और अब धीरे धीरे पूरा देश फंस रहा है। कांग्रेस ही समूचे विपक्ष को इस जाल में फंसा रही है। पहले भी कांग्रेस ने ही नरेंद्र मोदी का व्यक्तित्व अखिल भारतीय बनाया। गुजरात दंगों से लेकर 2014 के लोकसभा चुनाव तक कांग्रेस के लिए भाजपा का मतलब नरेंद्र मोदी रहे। सोनिया गांधी ने उनको मौत का सौदागर कहा तो कांग्रेस शासन में सरकारी एजेंसियां मोदी-अमित शाह की काली-सफेद दाढ़ी में… Continue reading मोदी नाम का जाप छोड़े विपक्ष!

इस बार लेफ्ट रहेगा दूसरे मोर्चे में

इस बार लेफ्ट रहेगा दूसरे मोर्चे में : आजाद भारत के इतिहास में वामपंथी पार्टियां हमेशा तीसरे मोर्चे की राजनीति का केंद्र रही हैं। जब कांग्रेस की सरकार होती थी और दूसरी धुरी भारतीय जनसंघ या स्वतंत्र पार्टी जैसी पार्टियां होती थीं तब तीसरा मोर्चा कम्युनिस्टों का होता था। समाजवादी पार्टियों के साथ टकराव के बावजूद कम्युनिस्ट हमेशा तीसरा मोर्चा बनाते रहे, जिसमें समाजवादी पार्टियां भी शामिल होती रहीं। इसके एकाध अपवाद रहे हैं। लेकिन इस बार कम्युनिस्ट पार्टियां तीसरे मोर्चे से बाहर हैं। ममता बनर्जी, शरद पवार, वाईएस जगन मोहन रेड्डी या के चंद्रशेखर राव जैसा कोई नेता वामपंथियों को नहीं पूछ रहा है। ऊपर से वामपंथी पार्टियों ने केरल में आमने-सामने की लड़ाई के बावजूद अपनी किस्मत कांग्रेस के साथ जोड़ ली है। यह भी पढ़ें: पत्रकारों को राहुल की चिंता इस बार लेफ्ट रहेगा दूसरे मोर्चे में ध्यान रहे इस समय कम्युनिस्ट पार्टियां दो राज्यों में कांग्रेस के साथ मिल कर सरकार का समर्थन कर रही हैं। बिहार और तमिलनाडु में कांग्रेस और कम्युनिस्ट एक साथ सत्तारूढ़ पक्ष में हैं और पश्चिम बंगाल में दोनों कई सालों से मिल कर चुनाव लड़ रहे हैं। सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी और सीपीआई के सबसे बड़े नेता डी राजा के… Continue reading इस बार लेफ्ट रहेगा दूसरे मोर्चे में

विपक्ष में साझेदारी मजबूत हुई है

संसद का बजट सत्र कई मायनों में अहम होने जा रहा है। पिछली और मौजूदा लोकसभा के कार्यकाल में संभवतः पहली बार विपक्ष की एकता दिख रही है और विपक्षी पार्टियां साझा तौर पर सरकार को घेर रही हैं।

राष्ट्रपति के अभिभाषण के बीच कांग्रेस सांसद का हंगामा

विपक्षी दलों के बहिष्कार के बीच राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के संसद के केंद्रीय कक्ष में संयुक्त सदन को संबोधित करने के दौरान आज कांग्रेस के लाेकसभा सदस्य रवनीत सिंह बिट्टू ने हंगामा किया और कृषि संबंधी तीनों कानून वापस लेने की मांग की।

कहां हैं पिनाराई विजयन : कांग्रेस

विपक्षी दल के नेता रमेश चेन्निथला ने आज जानना चाहा कि केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन कहां हैं क्योंकि वह लोगों के बीच में नजर नहीं आ रहे हैं।

बिहार : राज्यसभा चुनाव में राजद भी उतारेगा उम्मीदवार!

बिहार विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव में राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की रणनीति भले ही असफल हो गई हो लेकिन राजद किसी भी हाल में सियासत के खेल में सत्ता पक्ष को खुला मैदान देना नहीं चाहती है।

मप्र में नतीजों के बाद की रणनीति पर सियासी कदमताल

मध्यप्रदेश में विधानसभा के उपचुनाव के नतीजे आने से पहले ही सत्ताधारी दल भाजपा और विपक्षी दल कांग्रेस ने अपनी आगामी रणनीति के लिए कदमताल तेज कर दी है

जो परिवारवाद से ऊपर नहीं उठ रहे, वे जनता का भला क्या करेंगे : स्वतंत्र देव

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने विपक्षी दलों पर निशाना साधा और कहा कि जो दल परिवारवाद से ऊपर नहीं उठ पा रहे वे जनता का भला क्या सोचेंगे।

यूपी कांग्रेस की नजर अब नई पीढ़ी पर

कांग्रेस से छिटकी नई पीढ़ी के वोटरों को जोड़ने की कवायद में विपक्षी पार्टी लगातार लगी है। इसके लिए नए-नए फॉर्मूले अपनाकर वह युवाओं को अपनी ओर आकर्षित करने के प्रयास में है।

कर्नाटक में कल बैठक करेंगे विपक्षी दल

कर्नाटक में विपक्ष के नेता सिद्धरमैया ने लॉकडाउन के कारण श्रमिकों और किसानों को होने वाली समस्याओं पर चर्चा करने के लिए कल सभी विपक्षी दलों और किसान संगठनों की बैठक बुलाई है।

विपक्ष ने की फारूक, उमर, महबूबा की रिहाई की मांग

विपक्ष ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती समेत राज्य में सभी राजनीतिक बंदियों को रिहा करने की मांग करते हुए सोमवार को कहा कि लोगों को अनिश्चित काल तक नजरबंद रखना संविधान में दिये मौलिक अधिकारों को खुला उल्लंघन है।

एनआरसी के नाम पर भ्रम फैलाने की साजिश : सुशील

बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने आज आरोप लगाया कि राष्ट्रीय नागरिकता पंजी (एनआरसी) के नाम पर अल्पसंख्यकों और दलितों के बीच भ्रम फैलाकर विपक्षी दल के लोग देश में अराजकता का महौल पैदा करने की साजिश रच रहे हैं ।

विपक्षी दलों को सीएए की पर्याप्त जानकारी नहीं: राम माधव

भाजपा के वरिष्ठ नेता राम माधव ने आज इस बात पर जोर दिया कि संशोधित नागरिकता विधेयक (सीएए) देश के किसी नागरिक के खिलाफ नहीं है और कानून का विरोध कर रहे

वोट बैंक की राजनीति के लिए सीएए को लेकर भ्रम फैला रहा विपक्ष: सावंत

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने आज विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वह वोट बैंक के लिए नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर भ्रम फैला रही है।

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