पंजाबः भस्मासुरी राजनीति

पंजाब की कांग्रेस में खड़े हुए संकट के फलितार्थ क्या-क्या हो सकते हैं? इस संकट का सबसे पहला संदेश तो यही है कि कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व की योग्यता पर प्रश्न चिन्ह लग गया है।

राहुल अध्यक्ष क्यों नहीं बन जाते?

यह सवाल पार्टी के अंदर से उठने लगा है कि जब सारी बैठकें राहुल गांधी के घर पर हो रही हैं और सारे फैसले वे ही कर रहे हैं तो फिर वे अध्यक्ष क्यों नहीं बन रहे हैं?

प्रियंका के खिलाफ भी नाराजगी

प्रियंका को लेकर कांग्रेस के अंदर दो तरह की राय सुनने को मिल रही है। नेताओं के एक समूह का कहना है कि प्रियंका में वह समझदारी और करिश्मा नहीं है, जो दूर से दिख रहा था।

रावत खुद लड़ेंगे या झगड़ा सुलझाएंगे?

हरीश रावत को पंजाब का प्रभारी बनाया था। सोचें, वे खुद अपना चुनाव लड़ेंगे या पंजाब का झगड़ा सुलझाएंगे?

राहुल के कितने साथी पार्टी छोड़ गए?

सिर्फ गिनती करनी है कि राहुल गांधी ने कांग्रेस पार्टी के उपाध्यक्ष और फिर अध्यक्ष और अब पूर्व अध्यक्ष के रूप में कितने नेताओं को आगे बढ़ाया और उनमें से कितने आज उनके साथ हैं।

सिद्धू ने कैप्टेन के खिलाफ मोर्चा खोला

punjab politics siddhu attack : चंडीगढ़। दिल्ली में कांग्रेस के आला नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात के दो दिन बाद कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह के खिलाफ मोर्चा खोला है। सिद्धू ने बिजली कटौती और इसकी कीमत को लेकर मुख्यमंत्री को कठघरे में खड़ा किया है और इसमें तत्काल सुधार के उपाय करने को कहा है। उन्होंने शुक्रवार को एक के बाद एक कई ट्विट करके कहा कि अगर मुख्यमंत्री सही दिशा में चलें तो बिजली कटौती की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। उड्डयन मंत्री सिंधिया ने पदभार ग्रहण करते ही दी 8 नई उड़ानों की सौगात, मंत्री बनते ही होने लगी बरनोल की राजनीति सिद्धू ने शुक्रवार को कुल नौ ट्विट किए। एक ट्विट में उन्होंने कहा- पंजाब की बिजली दरों, बिजली खरीदने का समझौता और पंजाब के लोगों को 24 घंटे फ्री बिजली दिए जाने का सच जानिए। अगर हम सही दिशा में कदम उठाएं तो मुख्यमंत्री को पंजाब में बिजली कटौती, दफ्तरों की टाइमिंग बदलने की और आम आदमी के एसी के इस्तेमाल को लेकर नियम बनाने की जरूरत नहीं है। सिद्धू ने आगे लिखा- पावर परचेज कॉस्ट, पंजाब एक यूनिट 4.54 रुपए में खरीद रहा… Continue reading सिद्धू ने कैप्टेन के खिलाफ मोर्चा खोला

बड़े चुनाव सुधारों की जरूरत

बड़े चुनाव सुधारों की जरूरत : वैसे तो इस समय अनेक चुनाव सुधारों की जरूरत है। खुद चुनाव आयोग में कई तरह के सुधार जरूरी हैं। आयोग ने पिछले कुछ समय में जैसे जैसे फैसले किए हैं और इन फैसलों की वजह से उसकी जैसी छवि बनी है उसे देखते हुए यह जरूरी है कि इस संवैधानिक संस्था के पूरे ढांचे में आमूलचूल बदलाव किया जाए। यह भी पढ़ें: कश्मीर में उम्मीद की खिड़की! सबसे पहला बदलाव तो चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में करने की जरूरत है, जिसकी विसंगतियों की ओर पिछले कई सालों से ध्यान दिलाया जा रहा है। अभी केंद्र सरकार की मर्जी से चुनाव आयुक्त नियुक्त होते हैं। आमतौर पर रिटायर हो चुके या रिटायर होने की कगार पर पहुंचे अधिकारियों की अनुकंपा नियुक्ति चुनाव आयोग में होती है। जैसे उत्तर प्रदेश के एक रिटायर अधिकारी को हाल में चुनाव आयुक्त बनाया गया है। उनकी नियुक्ति के साथ ही तीनों आयुक्त एक ही राज्य- उत्तर प्रदेश के हो गए हैं। संवैधानिक रूप से इसमें कोई खामी नहीं है लेकिन नैतिक रूप से यह फैसला सवालों के घेरे में है। भारत जैसे विशाल और विविधता वाले देश में क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखना संवैधानिक व्यवस्था की अहम जरूरत… Continue reading बड़े चुनाव सुधारों की जरूरत

राजस्थान में सियासी घमासान के बीच गहलोत समर्थक निर्दलीय MLA ओमप्रकाश हुड़ला को जान से मारने की धमकी

जयपुर | Threat to Kill MLA Om Prakash Hudla: राजस्थान में सियासी उठापटक (Rajasthan Political Crisis) के बीच अशोक गहलोत समर्थक निर्दलीय विधायक ओमप्रकाश हुड़ला (Om Prakash Hudla) को जान से मारने की धमकी ने प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार देर रात निर्दलीय विधायक ओमप्रकाश हुड़ला को मोबाइल पर जान से मारने की धमकी (Threat) दी गई। ये फोन अज्ञात मोबाइल नंबर से आया बताया गया है। हुड़ला को धमकी की खबर के बाद से पुलिस-प्रशासन सहित राजनीतिक गलियारों में भी हड़कंप मच गया है। राजस्थान में चल रही राजनीतिक उठापटक के बीच मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विधायक हुड़ला की सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ा दिया है। ये भी पढ़ें:- दौसा विधायक Murari Lal Meena ने किया Pilot का समर्थन, गहलोत खेमे में मची खलबली! अज्ञात नंबर से आया फोन, लोकेशन ट्रेस देर रात जान से मारने की धमकी भरा फोन आने के बाद विधायक हुड़ला रामनगरिया थाने पहुंचे और सारा माजरा पुलिस को बताया। जिसके बाद अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। राजस्थान में चल रहे राजनीतिक माहौल में मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुंरत एक्टिव मोड में आ गई और अज्ञात मोबाइल नंबर की लोकेशन ट्रेस करवाई… Continue reading राजस्थान में सियासी घमासान के बीच गहलोत समर्थक निर्दलीय MLA ओमप्रकाश हुड़ला को जान से मारने की धमकी

पत्रकारों को राहुल की चिंता

जब से राहुल गांधी ने अंग्रेजी और टेलीविजन वाले कथित बड़े पत्रकारों को ट्विटर पर अनफॉलो किया तब से पत्रकारों को उनकी चिंता सताने लगी है। वे उनको अजीबोगरीब राय दे रहे हैं। जैसे राजदीप सरदेसाई ने लेख लिख कर कहा कि राहुल गांधी को कांग्रेस से निकल कर अलग पार्टी बनानी चाहिए। सोचें, राहुल के पास देश की सबसे पुरानी और एक विशाल पार्टी है, जिसे वे ठीक से नहीं चला पा रहे हैं और राजदीप ने उनको सलाह दे दी कि वे नई पार्टी बना लें! असल में उनको लग रहा है कि कांग्रेस के पुराने नेता राहुल को ठीक से काम नहीं करने दे रहे हैं। लेकिन सवाल है कि राहुल ने जिन नेताओं को चुना और केंद्र में मंत्री बनाया या प्रदेशों में अध्यक्ष बनाया वे कौन सा राहुल को मजबूत बना रहे हैं? उन्होंने ही तो सबसे ज्यादा राहुल को कमजोर किया है! यह भी पढ़ें: विश्व मंच पर तानाशाहों के साथ भारत बहरहाल, राजदीप ने एक सलाह दी एक दूसरे पत्रकार ने सलाह दी कि कांग्रेस पार्टी खुद ही क्यों नहीं सोनिया, राहुल और प्रियंका को अलग करके नई पार्टी बन जाती है? यानी गांधी परिवार के बगैर कांग्रेस पार्टी! फिर एक महिला पत्रकार… Continue reading पत्रकारों को राहुल की चिंता

पति ने जब BJP में शामिल होने को कहा, तो AAP पार्टी से पार्षद पत्नी ने दे दिया तलाक

सूरत | आपने भी अक्सर ये देखा होगा कि एक घऱ में ही अलग-अलग पार्टियों को पसंद करने के कारण लोगों में मतभेद हो जाते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि राजनीतिक संकट के कारण पति-पत्नी का तलाक हो गया हो. अगर नहीं तो पढें पूरी खबर. यह ताजा मामला गुजरात के सूरत शहर का है. जहां एक पति-पत्नी के तलाक का कारण राजनीतिक विचारधाराएं हैं. ऐसा भी नहीं है कि दोनों कम पढ़े लिखे हों या फिर दोनों के बीच कोई और मतभेद रहा हो. इस जोड़े में पति और पत्नी दोनों ही इंजिनियर हैं, यहां बता दें कि इस जोड़े में से पत्नी रुता दूधागरा आम आदमी पार्टी से नगर पार्षद है और पति भाजपा का नेता है. दोनों के ही बीच अक्सर इस बात को लेकर विवाद होता रहता था कि दोनों में से कौन सी पार्टी बेहतरक कार्य करती है. लेकिन बीते कुछ दिनों से इनके बीच का विवाद लगातार एक विशेष कारण से बढ़ता जा रहा था. पत्नी का आरोप है कि पति मुझे भाजपा में शामिल करवाना चाहते थे आम आदमी पार्टी से पार्षद रुता दूधागरा का कहना है कि उसका पति उसपर लगातार भाजपा में शामिल होने के लिए दबाव बना… Continue reading पति ने जब BJP में शामिल होने को कहा, तो AAP पार्टी से पार्षद पत्नी ने दे दिया तलाक

Assam में कांग्रेस को बड़ा झटका, विधायक रूपज्योति कुर्मी ने दिया इस्तीफा, BJP में हो सकते हैं शामिल

गुवाहाटी | देश में लगता है कि अभी राजनीतिक बवाल मचा हुआ है। राजस्थान-बिहार के अलावा कई राज्यों में सियासी घमासान चल रहा है। अब असम से राजनीति की बड़ी खबर सामने आई है। यहां कांग्रेस को बड़ झटका लगा है। असम से चार बार के विधायक रूपज्योति कुर्मी (Rupjyoti Kurmi) ने आज कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। जिसके बाद अब रूपज्योति कुर्मी के जल्द ही BJP में शामिल होने की संभावना जताई गई है। कुर्मी ने असम विधानसभा (Assam Vidhan Sabha) की सदस्यता से भी इस्तीफा सौंप दिया है। उन्होंने असम विधानसभा अध्यक्ष बिस्वजीत दैमारी (Biswajit Daimary) को अपना इस्तीफा सौंपा। जिसके बाद असम में भी राजनीति गरमाने लगी है। ये भी पढ़ें:- ‘राजे’ समर्थकों का बिगुल, वसुंधरा ही सर्वमान्य, राजस्थान भाजपा में नहीं कोई दूसरा विकल्प राहुल गांधी पर साधा निशाना कांग्रेस पार्टी से नाराज चल रहे असम में जोरहाट जिले के मरियानी निर्वाचन क्षेत्र के विधायक रूपज्योति कुर्मी ने इस्तीफा देते हुए कहा कि वह कांग्रेस छोड़ रहे हैं क्योंकि पार्टी नेतृत्व युवा नेताओं की आवाज की अनदेखी करता है। उन्होंने राहुल गांधी (Rahul Gandhi) पर निशाना साधते हुए कहा, राहुल गांधी नेतृत्व करने में असमर्थ हैं। अगर वह शीर्ष पर रहेंगे तो पार्टी आगे नहीं बढ़… Continue reading Assam में कांग्रेस को बड़ा झटका, विधायक रूपज्योति कुर्मी ने दिया इस्तीफा, BJP में हो सकते हैं शामिल

Rajasthan के ‘सियासी संग्राम’ में नया मोड, दिल्ली से खाली हाथ लौटे Pilot, अब बैठक के बाद अगली रणनीति का खुलासा!

जयपुर | राजस्थान में चल रहा ‘सियासी खेला’ (Rajasthan Political Drama) अब अपने चरम पर बढ़ता नजर आ रहा है। पहले राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) और अब कांग्रेस आलाकमानों द्वारा सचिन पायलट (Sachin Pilot) को तज्जवों नहीं दिए जाने के चर्चें सियासी गलियारों का तापमान बढ़ा रहे हैं। गौरतलब है कि सचिन पायलट सीएम गहलोत से सियासी घमासान के बाद अपनी मांगों को लेकर कांग्रेस पार्टी के आलाकमानों के पास दिल्ली पहुंचे थे और उनके प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) और राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के साथ मिलने की चर्चा थी, लेकिन दोनों ने ही पायलट को मिलने का समय नहीं दिया। ये भी पढ़ें:- Rajasthan का सियासी खेलाः कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक भंवरलाल शर्मा बोले- मैं भी बनना चाहता था सीएम, लेकिन गहलोत ने नहीं दिया साथ! 11 जून से दिल्ली में ढेरा, अब लौटना पड़ा निराश सचिन पायलट 11 जून को शाम दिल्ली पहुंचे थे और वहीं डेरा जमाए हुए थे। पायलट को आशा थी कि उन्होंने जो अपनी मांग रखी है, उसको गंभीरता से लिया जाएगा और समस्या का समाधान होगा। प्रियंका गांधी उनसे से मिलेंगी, लेकिन न तो प्रियंका गांधी उनसे मिले और न ही राहुल गांधी। यहां तक कि केसी वेणुगोपाल और अजय माकन… Continue reading Rajasthan के ‘सियासी संग्राम’ में नया मोड, दिल्ली से खाली हाथ लौटे Pilot, अब बैठक के बाद अगली रणनीति का खुलासा!

Rajasthan का सियासी खेलाः कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक भंवरलाल शर्मा बोले- मैं भी बनना चाहता था सीएम, लेकिन गहलोत ने नहीं दिया साथ!

जयपुर । Rajasthan Political Drama : राजस्थान में चल रहे सियासी ‘खेला’ में हर रोज कुछ न कुछ नया खेला देखने को मिल रहा है। इस सियासी लड़ाई में कई विधायक अपने मन की बात कह चुके हैं। ऐसे अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं चूरू के सरदार शहर से विधायक पंडित भंवरलाल शर्मा (Bhanwar Lal Sharma) ने भी अपने मन की बात लोगों के सामने रखी है। उन्होंने सचिन पायलट (Sachin Pilot) पर मीठी छुरी चलाते हुए कहा कि, मैंने भी कभी सरकार गिराने की कोशिश की थी, लेकिन अशोक गहलोत ने मेरा साथ नहीं दिया। वरना मैं भी मुख्यमंत्री होता। मुझे उस बात का मलाल आज भी है। कई बार इच्छा का दमन करना पड़ता है। इसी के साथ भंवरलाल शर्मा ने ये भी कहा कि, अब दो महीने तक सीएम किसी से मिलने वाले नहीं हैं। ऐसे में मंत्रिमंडल विस्तार भी नहीं होगा। ये भी पढ़ें:- Rajasthan : ATS ने पाक के लिए जासूसी करने के आरोप में जैसलमेर से एक युवक को किया गिरफ्तार, हनीट्रैप से जुड़ा है मामला सीएम गहलोत के प्रति वफादारी या फिर पायलट पर वार विधायक भंवरलाल शर्मा ने राजधानी जयपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सीएम गहलोत के प्रति अपनी वफादारी और… Continue reading Rajasthan का सियासी खेलाः कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक भंवरलाल शर्मा बोले- मैं भी बनना चाहता था सीएम, लेकिन गहलोत ने नहीं दिया साथ!

Rajasthan Politics: मौसम की खराबी के कारण शिमला से नहीं निकल पायी प्रियंका, पायलट भी नहीं करेंगे लैंड

जयपुर |  राजस्थान में कांग्रेस कितने भी बड़े बड़े दावे क्यों न कर लें, लेकिन वास्तविकता यही है कि यहां सब कुछ सही नहीं चल रहा है. अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच का विवाद अब छिपा हुआ नहीं है. दोनों खेमे के विधायक एक दूसरे के खिलाफ ट्विटर पर खुलकर बोल रहे हैं. बता दें कि दिल्ली में सचिन पायलट प्रियंका गांधी से मिलने के लिए रुके हुए हैं. लेकिन आज भी प्रियंका गांधी और सचिन पायलट की मुलाकात के आसार कम ही नजर आ रहे हैं. इसके पीछे का कारण है कि प्रियंका गांधी फिलहाल शिमला में हैं और खराब मौसम के कारण आज भी शिमला से दिल्ली नहीं आ पाएंगी. ऐसे में सचिन पायलट और प्रियंका गांधी की मुलाकात होना मुश्किल लग रहा है. बता दें कि सचिन पायलट 3 दिनों से दिल्ली के दौरे पर हैं, सूत्रों ले मिल रही जानकारी के अनुसार सचिन इस विवाद के निपटारे के लिए ही वहां हैं. विवाद के सलटारे के लिेए कमलनाथ कर रहे हैं प्रयास सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार सचिन पायलट सिर्फ एक ही कारण से दिल्ली में रूके हुए हैं. जानकारी के अनुसार कांग्रेस के कई बड़े नेता पायलट को समझाने में लगे… Continue reading Rajasthan Politics: मौसम की खराबी के कारण शिमला से नहीं निकल पायी प्रियंका, पायलट भी नहीं करेंगे लैंड

विपक्ष में क्या हाशिए में होगी कांग्रेस?

तभी वे इस सोच में है कि भारतीय जनता पार्टी कमजोर होगी या उसकी सरकार गलतियां करेगी तो देश के मतदाता स्वाभाविक रूप से कांग्रेस को विकल्प मान लेंगे। यह कांग्रेस की सबसे बड़ी कमजोरी है कि वह अपने को वास्तविक विपक्ष के तौर पर स्थापित करने और भाजपा से लड़ने की बजाय इस उम्मीद में बैठी है कि वह भाजपा का स्वाभाविक विकल्प है। यह भी पढ़ें: भारतीय राजनीति का विद्रूप कांग्रेस देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी है। लोकसभा के दो चुनावों से वह मुख्य विपक्षी पार्टी बनने लायक सीटें नहीं जीत पा रही है फिर भी वह विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी है और अखिल भारतीय स्तर पर मिले वोट प्रतिशत के लिहाज से वह मुख्य विपक्षी पार्टी भी है। देश के हर राज्य में उसका संगठन हैं, चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार हैं और कमजोर होने के बावजूद उसका एक निश्चित वोट बैंक भी है। उसके मुख्य विपक्षी पार्टी होने का एक सबूत यह भी है कि प्रधानमंत्री से लेकर सत्तारूढ़ दल के हर नेता के निशाने पर कांग्रेस और उसके नेता होते हैं। सो, कायदे से कांग्रेस को ही विपक्ष की राजनीति का केंद्र होना चाहिए। अभी तक ऐसा रहा भी है लेकिन अब ऐसा लग… Continue reading विपक्ष में क्या हाशिए में होगी कांग्रेस?

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