कोरोना अपडेट : मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दिल्ली के एम्स में निकली भर्ती, सीधे इंटरव्यु से होगा सेलेक्शन

कोरोना वायरस का संक्रमण पुरे देश में बढ़ता ही जा रहा है। मरीजों की बढ़ती संख्या के सामने डॉक्टरों की संख्या कम हो रही है। ऐसे में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), नई दिल्ली में वैकेंसी निकाली गई है। दरअसल एम्स सीनियर रेजिडेंट्स, सीनियर डेमोंस्ट्रेटर के रिक्त पदों के लिए योग्य उम्मीदवारों की तलाश कर रहा है। जुलाई के लिए नियमित चयन होने तक ADHOC आधार पर भारतीय  सीनियर रेजिडेंट्स, सीनियर डेमोंस्ट्रेटर  के पद पर तत्काल भर्ती की जानी है। इसके तहत कुल 33 विभागों में 180 भर्तियां की जाएंगी। अस्पतालों में दवाइयों, बैड,ऑक्सीजन की किल्ल्त देखी जा रही है। यह भर्तियां सीधे इंटरव्यु से होगी। इसे भी पढ़ें Oppo 7 मई को भारत में लॉन्च करेगा अपना E-Store, खरीदारों के लिए रोमांचक प्रस्ताव होगा आवेदन की तारीख आवेदन करने की आखिरी तारीख- 27 अप्रैल 2021 इंटरव्यू की तारीख और समय (ऑनलाइन ऑफ़लाइन)- 28 अप्रैल 2021, दोपहर 2 बजे इन विभागों में निकाली भर्ती एनेस्थिसियोलॉजी पेन चिकित्सा और क्रिटिकल केयर, एनेस्थिसियोलॉजी (IRCH), प्रशामक चिकित्सा (IRCH, NCI, JHAJJAR), कार्डिएक एनैस्थिसियोलॉजी, न्यूरो एनेस्थेसियोलॉजी, रेडियो-निदान, कार्डियोवस्कुलर रेडियोलॉजी और एंडोवस्कुलर इंटरवेंशन, न्यूरोइमेजिंग और इंटरवेंशनल न्यूरो-रेडियोलॉजी, रेडियोथेरेपी, बाल चिकित्सा सर्जरी, न्यूरो सर्जरी, फोरेंसिक मेडिसिन सहित कुल 33 विभागों में भर्ती की जानी है। उम्मीदवारों को जमा… Continue reading कोरोना अपडेट : मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दिल्ली के एम्स में निकली भर्ती, सीधे इंटरव्यु से होगा सेलेक्शन

पवित्र कुरान से 26 आयतों को हटाने पर SC में  सुनवाई आज, मुस्लिम समाज में है वसीम रिजवी के खिलाफ आक्रोश

New Delhi :  उत्तर प्रदेश में एक बार फिर से धार्मिक विवाद चरम पर है. हालांकि इस बार मामला धर्म के अंदर का ही है. मतलब ये कि इस धार्मिक विवाद में दूसरे धर्म का कोई लेना देनी नहीं है. यूपी शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी की एक याचिका से इस बार ये माखौल खड़ा हो गया है. रिजवी ने  पवित्र कुरान से 26 आयतें हटाने की मांग को लेकर SC का दरवाजा खटखटाया है. इसके बाद से यूपी में तनाव अपने चरम पर है. इस बाबत वसीम रिजवी का कहना है कि वे बचपन से इस देश में रह रहे हैं- ऐसे में देश के प्रति उनकी भी कुछ जिम्मेवारी बनती है . उन्होंने कहा कि पवित्र कुरान की  कुछ आयतों से  आतंकवाद को बढ़ावा मिल रहा है. इसलिए उन्होंने ये याचिका दर्ज की है. क्यों हटाना चाहतें हैं  26 आयतें वसीम का कहना है कि  पवित्र कुरान की  26 आयतों से आतंकवाद को बढावा मिलता है. उनका कहना है कि  इन 26 आयतों से कट्टरता को भी बढावा मिलता है. ऐसे में इन्हें बच्चों को दी जाने वाली तालिम से हटा दिया जाना चाहिए. उन्होंने ये भी दावा है कि ये 26 आयतें कुरान में… Continue reading पवित्र कुरान से 26 आयतों को हटाने पर SC में  सुनवाई आज, मुस्लिम समाज में है वसीम रिजवी के खिलाफ आक्रोश

राम मंदिर निर्माण: रावण ने जहां माता सीता को रखा था बंदी, वहां से भी आएंगे राम मंदिर के लिए पत्थर

New Delhi: SC का फैसला आने के बाद से अयोध्या में राम मॆदिर बनने का काम जोर शोर से चल रहा है अब जानकारी मिली है कि श्रीलंका (SRI LANKA) स्थित सीता एलिया के पत्थर का अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण में इस्तेमाल में लिया जाएगा. इस खबर के बाहर आने के बाद से लोगों में और भी ज्यादा उत्साह भर गया है. इस संबंध में श्रीलंका में भारतीय उच्चायोग (INDIAN HIGH COMMISSION )  ने  ट्वीट कर बताया कि अयोध्या में राम मंदिर के लिए श्रीलंका स्थित सीता एलिया के पत्थर का इस्तेमाल किया जाएगा. इससे भारत और श्रीलंका के संबंधों की मजबूती का स्तम्भ बनेगा.भारत में श्रीलंका के उच्चायुक्त मिलिंदा मोरागोडा को उच्चायुक्त की मौजूदगी में म्यूरापति अम्मान मंदिर में यह पत्थर सौंपा गया. इसे भी पढ़ें- FIAF Award 2021 पाने वाले पहले भारतीय बने अमिताभ बच्चन,  2021 में आएंगी बैक टू बैक फिल्में सीता माता को यहीं रखा गया था बंदी मान्यता है कि सीता एलिया में माता सीता का मंदिर है . ऐसा माना जाता है कि इसी स्थान पर लंकापति रावण ने उन्हें बंदी बनाकर रखा था और यहीं माता सीता भगवान राम से प्रार्थना किया करती थीं कि वह उन्हें बचाकर ले जाएं. ऐसे में… Continue reading राम मंदिर निर्माण: रावण ने जहां माता सीता को रखा था बंदी, वहां से भी आएंगे राम मंदिर के लिए पत्थर

आपातकाल पर समग्रता से विचार हो

अगर सुप्रीम कोर्ट 45 साल पहले लगाए गए आपातकाल की संवैधानिकता की समीक्षा करने का फैसला करती है तो उसे पूरी समग्रता से इसकी समीक्षा करनी चाहिए।

राहत देने वाला फैसला

इन दिनों से न्यायपालिका से जन-पक्षीय फैसले कम ही आते हैं। इसलिए जब ये आते हैं, तो उन पर पहली प्रतिक्रिया आश्चर्य की होती है। ऐसा ही एक फैसला पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट से आया। इसमें सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार की तरफ से 17 अप्रैल 2020 को जारी अधिसूचना को रद्द करि दिया। उस अधिसूचना के तहत मज़दूरों के कई अधिकारों को रद्द कर दिया गया था।

आरक्षण एससी-एसटी और पिछड़ों का मौलिक अधिकार : सुशील

बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने उच्चतम न्यायालय के तमिलनाडु के एक मामले में गुरुवार को आरक्षण को मौलिक अधिकार नहीं माने जाने के बाद कहा

मजदूरों के मामले में केंद्र ने दिया हलफनामा

केंद्र सरकार ने मजदूरों के पलायन के मसले पर सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दिया है, जिसमें उसने बताया है कि सरकार ने मजदूरों के लिए क्या क्या किया।

लॉकडाउन में वेतन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मांगा जवाब

कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए देश भर में लागू लॉकडाउन की अवधि में कर्मचारियों को पूरा वेतन देने के सरकार के आदेश के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।

लैंगिक समता की ओर

पहले ऐसा फैसला सेना के मामले में आया था, अब नौसेना के लिए आया है। दोनों जगहों पर महिलाओं का समानता के लिए लंबे समय जारी संघर्ष कामयाब हुआ है। ताजा निर्णय में कोर्ट ने नौसेना में पुरुष और महिला अधिकारियों के साथ समान व्यवहार किए जाने की बात पर जोर दिया। उसने महिला अधिकारियों के लिए स्थायी कमीशन को मंजूरी दे दी। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के नेतृत्व वाली एक पीठ ने कहा कि देश की सेवा करने वाली महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने से इनकार करने पर न्याय की हत्या होगी। गौरतलब है कि इन दोनों मामलों में केंद्र सरकार ने महिलाओं के खिलाफ रुख लिया था। उसने कई तर्क देते हुए महिलाओं को स्थायी कमीशन देने का विरोध किया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा कि नौसेना में महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन प्रदान करने में लैंगिक भेदभाव नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा- ‘जब एक बार महिला अधिकारियों की भर्ती के लिए वैधानिक अवरोध हटा दिया गया, तो स्थायी कमीशन देने में पुरुष और महिलाओं के साथ समान व्यवहार होना चाहिए।’ स्थायी कमीशन किसी अधिकारी को नौसेना में तब तक सेवा करने का अधिकार देता है, जब तक कि वह शॉर्ट सर्विस कमीशन… Continue reading लैंगिक समता की ओर

सीएए पर केंद्र को नोटिस जारी

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने संशोधित नागरिकता कानून, सीएए की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली एक पत्रकार की याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है और उस पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। सर्वोच्च अदालत ने पत्रकार की याचिका को सीएए को चुनौती देने वाली बाकी 160 याचिकाओं के साथ ही जोड़ दिया है। चीफ जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने पत्रकार साकेत गोखले की याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया। सीएए की वैधता को चुनौती देने वाली सारी याचिकाओं पर इसी महीने सुनवाई होनी है। सर्वोच्च अदालत ने 22 जनवरी को 143 याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह स्पष्ट कर दिया था कि सीएए के अमल पर रोक नहीं लगाई जाएगी। अदालत ने सरकार से चार सप्ताह में याचिकाओं पर जवाब मांगा था। अदालत ने कहा था कि त्रिपुरा और असम से संबंधित याचिकाएं और नियम तैयार हुए बगैर ही सीएए को लागू कर रहे उत्तर प्रदेश से संबंधित मामलों पर अलग से विचार किया जा सकता है। अदालत ने कहा है कि सीएए को लेकर दायर याचिकाओं की सुनवाई के तरीके के बारे में फैसला करने के लिए अदालत कुछ याचिकाओं को चेंबर में सुनेगा और… Continue reading सीएए पर केंद्र को नोटिस जारी

एससी, एसटी कानून संवैधानिक

नई दिल्ली। एससी, एसटी उत्पीड़न रोकथाम कानून को लेकर सुप्रीम कोर्ट का एक और फैसला आया है। सर्वोच्च अदालत ने सोमवार के अपने फैसले में इस संशोधित कानून की संवैधानिकता बरकरार रखी है। सर्वोच्च अदालत ने इसी के साथ साफ कर दिया है कि अगर मामला पहली नजर में एससी, एसटी कानून के तहत नहीं पाया गया तो आरोपी को अग्रिम जमानत मिल सकती है और एफआईआर रद्द भी हो सकती है। अदालत ने इसके साथ ही स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज करने से पहले शुरुआती जांच और किसी आला पुलिस अफसर की मंजूरी जरूरी नहीं होगी। गौरतलब है कि दो साल पहले मार्च 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने एससी, एसटी कानून के तहत केस दर्ज होने पर तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी। साथ ही आरोपियों को अग्रिम जमानत देने का प्रावधान किया था। जब इसका विरोध हुआ तो सरकार ने कानून में बदलावों को दोबारा लागू करने के लिए संशोधन बिल पास कराया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी फैसले में बदलाव कर दिया था। एक अक्टूबर 2019 को सर्वोच्च अदालत की तीन जजों की बेंच ने तुरंत गिरफ्तारी पर रोक लगाने के दो जजों की बेंच के मार्च 2018 के फैसले को… Continue reading एससी, एसटी कानून संवैधानिक

एससी, एसटी क्रीमी लेयर भावनात्मक मामला!

नई दिल्ली। अन्य पिछड़ी जातियों, ओबीसी की तर्ज पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के क्रीमी लेयर को भी आरक्षण के दायरे से बाहर रखने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर केंद्र सरकार ने पुनर्विचार की अपील की है। अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि यह बेहद भावनात्मक मुद्दा है और इसमें क्रीमी लेयर को आरक्षण के लाभ के दायरे से बाहर रखने का नियम लागू नहीं किया जा सकता। वेणुगोपाल ने कहा कि इस मामले को सुनवाई के लिए सात जजों की बड़ी बेंच के पास भेजा जाए। चीफ जस्टिस एसए बोबडे की पीठ ने कहा कि वह इस मामले की सुनवाई दो हफ्ते बाद करेगी। चीफ जस्टिस बोबडे की पीठ ने आरक्षण नीति की समीक्षा के लिए बनी राष्ट्रीय संयोजन समिति के अध्यक्ष ओपी शुक्ला की ओर से दाखिल याचिका पर केंद्र और राष्ट्रीय अनसूचित जाति आयोग को नोटिस भेजा है। शुक्ला ने अपील की कि तर्कसंगत तरीके से यह पहचान कर ली जाए कि एससी, एसटी में कौन सा वर्ग क्रीमी लेयर है और उसे कमजोर वर्ग से अलग कर दिया जाए। याचिका में कहा गया कि केंद्र सरकार ने अभी तक सरकार ने एससी, एसटी में क्रीमी लेयर की पहचान… Continue reading एससी, एसटी क्रीमी लेयर भावनात्मक मामला!

बेटी को जंजीरों में बांधने व दुष्कर्म का आरोप

जयपुर। हैदराबाद की महिला डॉक्टर का रेप का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि ऐसा ही एक विभत्स मामला राजस्थान के जालोर जिले से आया है। एक पिता पर अपनी ही 17 साल की बेटी के साथ रेप का आरोप लगा है। पिता पर आरोप है कि बेटी को जंजीरों में बांधकर रखा गया और उसके साथ घर में ही कथित तौर पर बार-बार दुष्कर्म किया। पुलिस में की गई शिकायत के अनुसार, नाबालिग ने अपने पिता पर उसके हाथ व पैर को भारी जंजीरों से बांध कर रखने व उससे दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। लड़की का कहना है कि उसने अपने पिता को एक अन्य महिला के साथ आपत्तिजनक अवस्था में देख लिया था। इसके बाद उसके पिता ने उसके साथ यह बर्बरता की। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, लड़की के घर से बच निकलने व अपनी आप बीती सुनने के बाद उसके मामा ने यह शिकायत दर्ज कराई। लड़की ने कहा कि उसके पिता ने बीते कई दिनों से उसे जंजीरों में बांधा हुआ था और दुष्कर्म किया। नाबालिग लड़की शुक्रवार को अपने पिता के चंगुल से बच निकली और अपने मामा के पास पहुंच गई। लड़की के मामा ने कहा कि पीड़ित की मां… Continue reading बेटी को जंजीरों में बांधने व दुष्कर्म का आरोप

स्वच्छ हवा प्रदान नहीं करने पर लोगों को मुआवजा दिया जाए : सुप्रीम कोर्ट

देश में वायु प्रदूषण के मुद्दे पर एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस जारी किया

सबरीमाला और राफेल पर आज आएगा फैसला!

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई 17 नवंबर को रिटायर होने से पहले गुरुवार को दो और अहम मामलों में फैसला सुनाएंगे। सबरीमाला और राफेल मामले पर दायर पुनर्विचार याचिका पर चीफ जस्टिस की बेंच गुरुवार को फैसला सुना सकती है।

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