संसद में बहस जरूरी
एसआईआर संसद के शीतकालीन सत्र में विवाद का बड़ा मुद्दा बनता दिख रहा है। उचित होगा कि सरकार पुराने संसदीय नियमों का हवाला देकर मौजूदा हाल पर बहस को ना रोके। सदन में सबको अपनी बात कहने दी जाए। किसी प्रक्रिया के जारी रहने के दौरान उसके नियम बदलते रहें, तो उसे इसकी मिसाल ही समझा जाएगा कि संबंधित संस्था ने काम शुरू करने के पहले पर्याप्त तैयारी नहीं की। उस हाल में वह प्रक्रिया विवादों से घिरती जाए, यह लाजिमी है। इसकी पूरी जिम्मेदारी संचालक संस्था पर ही आएगी। मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर यह बात पूरी...