आदेश दुरुस्त करें
ये नहीं कहा जा सकता कि आवश्यक दवाओं के मामले में कंपनियों से कोई नाइसांफी होती है। फिर भी दवा कंपनियों ने
ये नहीं कहा जा सकता कि आवश्यक दवाओं के मामले में कंपनियों से कोई नाइसांफी होती है। फिर भी दवा कंपनियों ने
वेदांता कंपनी के बिजली संयंत्र में बॉयलर फटने से कम-से-कम 14 मजदूर मारे गए और ...
नोएडा में कारखाना मजदूर सड़क पर उतरे। वहां की घटनाओं ने उन हालात की ओर ध्यान खींचा,
पश्चिम बंगाल में ऐसी धारणा बनी है कि एसआईआर के दौरान निर्वाचन आयोग का नजरिया मतदाताओं को सूची से बाहर करने के बह...
भारत में जन कल्याण का जो रास्ता चुना गया है, वह टिकाऊ नहीं है। हर वर्ष पिछले साल की तुलना में औ...
प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि भारत में समस्या अधिकारों का अभाव नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि...
विदेश में ऊंची तनख्वाह और चमकदार करियर का झांसा देकर मोटी रकम वसूलने वाले ऐसे अनेक गिरोह सक्रिय हैं
आरबीआई ने जो कहा है, उसका सार है कि पश्चिम एशिया में युद्ध से सप्लाई शृंखला बा...
अमेरिका जिस प्रस्ताव पर बातचीत के लिए तैयार हुआ, उसमें सर्व-प्रमुख बात होरमुज ...
सरकार ने उलझे हालात का हल निकालने की कोई गंभीर कोशिश नहीं की है। उसने समस्या को महज कानून-व्यवस्था के नजरिए से द...
चर्चा होने पर संसदीय रिकॉर्ड में यह दर्ज होता कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर विपक्षी खेमों में अविश्वास क्यों गहरा ...
जब देश के कई हिस्सों में फर्ज़ी मुठभेड़ और बुल्डोजर जस्टिस को प्रशासनिक नीति का हिस्सा बना लिया गया है
चुनावी लोकतंत्र में प्रतिनिधित्व के मूलभूत सिद्धांत को लेकर विपक्ष इतना आशंकित क्यों है?