यह समझ तो अब दुनिया भर में है कि आतंकवाद कोई साधारण अपराध नहीं है। बल्कि इसके जरिए आतंकवाद के संरक्षक अपने रणनीतिक उद्देश्य हासिल करना चाहते हैं। सीमा पार से संचालित भारत विरोधी आतंकवाद भी इससे अलग नहीं है।
सेना नेतृत्व और सैन्य कमांडरों को सीमा उल्लंघन के मामलों में कार्रवाई की पूरी छूट देना कोई नया फैसला नहीं है। नरेंद्र मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से यह आम जानकारी रही है कि “अब सेना के हाथ बंधे हुए नहीं हैं”। पहलगाम आतंकवादी हमले की पृष्ठभूमि में मंगलवार को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई सर्वोच्च स्तर की बैठक के जो एलान हुआ, उसे उपरोक्त निर्णय की ही फिर से पुष्टि माना जाएगा।
बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा- ‘जवाबी कार्रवाई के तरीके, लक्ष्य और समय तय करने के मामले में सशस्त्र बलों को कदम उठाने संबंधी पूरी स्वतंत्रता है।’ इससे संदेश ग्रहण किया जा सकता है कि जवाबी कार्रवाई स्थानीय स्तर पर होगी और यह आतंकवादियों या उनके ठिकानों पर केंद्रित होगी।
पहलगाम पर सेना को खुली छूट
यह कार्रवाई कब और कहां हो, यह मौके पर तैनात कमांडर तय करेंगे। इसका अर्थ यह निकलता है कि पाकिस्तान के खिलाफ व्यापक युद्ध की संभावना फिलहाल नहीं है। जबकि 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के बाद से ऐसी अटकलें रही हैं कि इस बार पाकिस्तान को कड़ा सबक सिखाया जाएगा।
पहले सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट पर हमले जैसी स्थानीय जवाबी कार्रवाइयां हुई हैं, लेकिन उनसे सीमा पार से संचालित आतंकवाद खत्म करने में कामयाबी नहीं मिली है। जब तक आतंकवाद को संरक्षण एवं प्रश्रय का ढांचा सीमा पार मौजूद है, ऐसा होने की स्थिति बनेगी भी नहीं।
अतः इस ढांचे को ध्वस्त करने का लक्ष्य कैसे हासिल होगा, केंद्र इस बारे में देश को भरोसे में ले, तो मौजूद संशयों का निवारण हो सकता है। यह समझ तो अब दुनिया भर में है कि आतंकवाद कोई साधारण अपराध नहीं है। बल्कि इसके जरिए आतंकवाद के संरक्षक अपने रणनीतिक उद्देश्य हासिल करना चाहते हैं। सीमा पार से संचालित भारत विरोधी आतंकवाद भी इससे अलग नहीं है।
इसीलिए अपेक्षित है कि स्पष्ट लक्ष्य के साथ और राजनीतिक नेतृत्व की देखरेख में उसका माकूल जवाब दिया जाए। केंद्र के नजरिए में समस्या यह है कि इससे राजनीतिक नेतृत्व अपनी जवाबदेही सैन्य नेतृत्व को हस्तांतरित करता नजर आता है। जबकि इस बारे में जो भी कार्रवाई होगी, उसके परिणाम राजनीतिक होंगे।
Also Read: मतलब युद्ध नहीं होगा?
Pic Credit: ANI
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.


