नई दिल्ली। दिल्ली की भाजपा सरकार ने शुक्रवार को विधानसभा सत्र में स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी सीएजी की रिपोर्ट पेश की। इस रिपोर्ट से अरविंद केजरीवाल सरकार द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए काम के दावों की पोल खुलती है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की ओर से पेश की गई सात पन्नों की रिपोर्ट में बताया गया कि दिल्ली में स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे की कमी है। नर्स और डॉक्टर्स की संख्या पर्याप्त नहीं है। महिलाओं के स्वास्थ्य प्रोग्राम में फंडिंग की कमी है। साथ ही एंबुलेंस में जरूरी उपकरण नहीं हैं और आईसीयू की भी कमी है।
सीएजी रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली की कम से कम 21 मोहल्ला क्लीनिक में टॉयलेट नहीं है। कई मोहल्ला क्लीनिक में थर्मामीटर जैसे बुनियादी उपकरण नहीं हैं। अस्पतालों में स्टाफ की कमी है। बड़े ऑपरेशन के लिए मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। इसके अलावा कोरोना के दौरान केंद्र सरकार ने दिल्ली सरकार को जो रकम दी थी, उसका इस्तेमाल ही नहीं किया गया। इस रिपोर्ट पर सोमवार को सदन में चर्चा होगी।
इस बीच विधानसभा से निलंबित आप विधायकों का प्रदर्शन जारी रहा। उनको विधानसभा परिसर में भी नहीं जाने दिया जा रहा है। इसलिए पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी के विधायकों ने विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया। विधायकों ने राष्ट्रपति से मिलने के लिए समय भी मांगा है। बहरहाल, सीएजी रिपोर्ट के मुताबिक 21 मोहल्ला क्लीनिकों में टॉयलेट, 15 में बिजली और छह क्लीनिकों में टेबल तक नहीं थे।
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