श्रीनगर। जम्मू कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने के उमर सरकार के प्रस्ताव को उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को मंजूरी दे दी। जम्मू कश्मीर को पूर्ण राज्य देने के प्रस्ताव को गुरुवार को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव पास किया गया था। राज्य के उप मुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी ने इसे लेकर कहा है- केंद्र को अपना वादा पूरा करना चाहिए और राज्य का दर्जा बहाल करना चाहिए, यह हमारा अधिकार है। हम वही मांग रहे हैं जो उन्होंने पहले ही वादा किया था।
पूर्ण राज्य के दर्जे की बहाली को लेकर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला दो दिन में दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। नई सरकार बनने के तुरंत बाद उमर अब्दुल्ला की सरकार ने जम्मू कश्मीर के पूर्ण राज्य के दर्जे की बहाली का प्रस्ताव पास किया था। हालांकि इसे लेकर विपक्षी पार्टियों ने यह सवाल उठाया राज्य सरकार ने अनुच्छेद 370 की बहाली का प्रस्ताव क्यों नहीं पास किया है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने पांच अगस्त 2019 को जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के साथ ही प्रदेश का पूर्ण राज्य का दर्जा खत्म करते हुए उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों, जम्मू कश्मीर और लद्दाख में बांट दिया था।
उमर अब्दुल्ला ने विधानसभा चुनाव के दौरान भी कहा था कि कैबिनेट की पहली मीटिंग में ही जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने के प्रस्ताव को मंजूर किया जाएगा। 16 अक्टूबर को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद अगले दिन ही उन्होंने इसका प्रस्ताव पास किया। इसके बाद पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी ने उमर कैबिनेट के फैसले को लेकर कहा कि यह एक बड़ा झटका है। पीडीपी ने सवाल उठाया कि उमर सरकार ने सिर्फ राज्य के दर्जे की बहाली का प्रस्ताव क्यों पारित किया। 370 की बहाली पर भी फैसला करना चाहिए था।
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Image Source: ANI

