श्रीनगर। जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि पहलगाम में पर्यटकों पर हमला करने वाले आतंकवादियों को लोकल सपोर्ट मिला था। उनके इस बयान पर विवाद शुरू हो गया है। फारूक ने शनिवार को कहा, ‘पहलगाम आतंकी हमला लोकल सपोर्ट के बिना नहीं हो सकता। क्योंकि आतंकवादी वहां कैसे आए, ये सवाल आज भी बना हुआ है। किसी लोकल ने उनकी मदद तो जरूर की है।
फारूक अब्दुल्ला के इस बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी की नेता महबूबा मुफ्ती ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि फारूक अब्दुल्ला का ऐसा बयान देश के बाकी हिस्सों में रह रहे कश्मीरी लोगों के लिए खतरा बन सकता है। उन्होंने लिखा, ‘इससे कुछ मीडिया चैनलों को कश्मीरियों और मुस्लिमों को बदनाम करने का मौका मिल जाएगा’। महबूबा ने यह भी कहा, ‘फारूक अब्दुल्ला जैसे वरिष्ठ कश्मीरी नेता का ऐसा बयान देश के बाकी हिस्सों में रह रहे कश्मीरी छात्रों, व्यापारियों और मजदूरों के लिए खतरा बन सकता है’।
एक अन्य बयान में फारूक अब्दुल्ला ने यह भी कहा कि भारत महात्मा गांधी का देश है और यहां हिंसा की नहीं, अहिंसा की परंपरा है। उन्होंने कहा, ‘हमने पाकिस्तान को साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आया तो हम उसकी पानी की सप्लाई रोक देंगे। लेकिन हम उन्हें मारेंगे नहीं, क्योंकि हम उतने क्रूर नहीं हैं जितने वे हैं। भारत हमेशा से शांति का पक्षधर रहा है और आतंक के खिलाफ कड़े कदम जरूर उठाएगा, लेकिन हमारी संस्कृति किसी को खत्म करने की नहीं है’।
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