झारखंड में अदालतों और सरकारी परिसरों को बम से उड़ाने की धमकियों ने पुलिस और प्रशासन की नींद उड़ा दी है। मंगलवार को रांची के सिविल कोर्ट को एक बार फिर ई-मेल के जरिए दहलाने की धमकी मिली है, जिसमें इस बार ’14 साइनाइड बम’ के इस्तेमाल का दावा किया गया है।
धमकी भरे ई-मेल में न्याय व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा है कि जब बेगुनाह को इंसाफ नहीं मिलता, तो कोर्ट होने का क्या मतलब है। इसकी जानकारी मिलते ही कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय के नेतृत्व में भारी पुलिस बल, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड की टीमें मौके पर पहुंच गईं।
एहतियातन कोर्ट परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया और मुख्य प्रवेश द्वार को कुछ समय के लिए बंद कर चप्पे-चप्पे की तलाशी ली गई। इससे पहले 28 फरवरी को भी रांची कोर्ट को ‘आरडीएक्स’ से उड़ाने की धमकी मिली थी, जिसके बाद से ही सुरक्षा एजेंसियां सतर्क थीं। धमकियों का यह दौर केवल रांची तक सीमित नहीं है।
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सोमवार को बोकारो सिविल कोर्ट परिसर को भी ई-मेल के जरिए उड़ाने की धमकी दी गई, जिससे वहां मौजूद वकीलों, कर्मचारियों और मुवक्किलों के बीच अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही बोकारो एसपी हरविंदर सिंह स्वयं मौके पर पहुंचे और पूरे परिसर को खाली कराकर सघन जांच अभियान चलाया गया। हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर और खोजी कुत्तों की मदद से पार्किंग क्षेत्र और कार्यालयों की बारीकी से जांच की गई।
पिछले कुछ दिनों में धनबाद सिविल कोर्ट, रांची समाहरणालय (डीसी ऑफिस) और पासपोर्ट सेवा केंद्र को भी इसी तरह की धमकियां मिल चुकी हैं। एक पुराने मामले में धमकी देने वाले ने ‘सल्फर नाइट्रेट’ जैसे रसायनों के इस्तेमाल की बात कही थी। बार-बार मिल रही इन धमकियों और एक ही पैटर्न (ई-मेल) के इस्तेमाल को देखते हुए पुलिस ने साइबर सेल को सक्रिय कर दिया है।
तकनीकी टीमें ई-मेल के स्रोत, आईपी एड्रेस और सर्वर की जांच कर रही हैं ताकि इन फर्जी धमकियों के पीछे छिपे शरारती तत्वों तक पहुंचा जा सके।
Pic Credit : ANI
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