केरल औषधि नियंत्रण विभाग ने गत सितंबर में किये गये परीक्षणों में गुणवत्ता की मानकों पर खरी नहीं उतरी 41 बैच की दवाओं की बिक्री और वितरण पर रोक लगा दी है।
राज्य औषधि नियंत्रक ने संबंधित बैचों का स्टॉक रखने वाले दवा विक्रेताओं, अस्पतालों और अन्य संस्थानों को उनकी बिक्री और वितरण रोकने तथा स्टॉक वापस करने का निर्देश दिया है। इस सूची में पैरासिटामोल, फोलिक एसिड, सेफिक्सिम, डॉक्सीसाइक्लिन, टेल्मिसार्टन, एसोमेप्राजोल, पेंटोप्राजोल, ओरल रीहाइड्रेशन साल्ट्स, साल्बुटामोल, एलबेंडाजोल और मिथाइलप्रेडनिसोलोन सहित व्यापक रूप से इस्तेमाल की जाने वाली कई दवाएं शामिल हैं।
कोल्लम के पुनालूर स्थित एआर फार्मास्युटिकल्स निर्मित पांच आयुर्वेदिक औषधियां बलारिष्टम, अश्वगंधारिष्टम, द्राक्षारिष्टम, कुमारीआसवम और अभयारिष्टम भी इस सूची में शामिल हैं। पोर्कुलम स्थित अनला फार्मास्युटिकल्स निर्मित तलीसापत्रादि चूर्ण एक अन्य आयुर्वेदिक उत्पाद हैं, जिन्हें इसमें शामिल किया गया है।
Also Read : पांच साल बाद बड़े पर्दे पर लौटेंगी तनिशा मुखर्जी
विभाग ने उत्तराखंड की यूनिक्योर इंडिया लिमिटेड निर्मित ‘फोलिक एसिड टेबलेट्स आईपी 0.4 एमजी’ के कई बैचों को भी सूचीबद्ध किया है। सूची में शामिल अन्य उत्पादों में डिक्लोफेनाक सोडियम गैस्ट्रो-प्रतिरोधी गोलियां 50 एमजी (एल्डोहेम-50), क्लोनाजेपम 0.5 एमजी गोलियां, नाइट्रोजेपम 10 एमजी (नाइटोज-10), कैल्शियम और विटामिन डी3 गोलियां, ओंडांसेट्रॉन (मुंह में घुलने वाली गोलियां), पैरासिटामोल एसआर 1000, पैरासिटामोल 650 एमजी (पारपोल 650), लोपेरामाइड हाइड्रोक्लोराइड 2 एमजी (लोप्रा), ओलांजापिन 5 एमजी, मिथाइलप्रेडनिसोलोन 16 एमजी (स्टेरियो 16), क्लोपिडोग्रेल और एस्पिरिन (कार्पिग्रेल-ए) तथा फ्रुसेमाइड इंजेक्शन शामिल हैं।
औषधि नियंत्रण विभाग की ओर से जारी सितंबर 2026 की सूची में मानक गुणवत्ता की नहीं घोषित की गयीं सभी 41 बैच की दवाओं के उत्पाद नाम, निर्माता, बैच नंबर, निर्माण तिथियां और परिवक्वता तिथियां दी गयी हैं।
Pic Credit : UNI
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.



