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अजित पवार ने दी सफाई

ByNI Desk,
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मुंबई। एनसीपी के नेता और महाराष्ट्र विधानसभा में नेता विपक्ष अजित पवार ने भाजपा के साथ जाने की खबरों का खंडन किया है। उनके चाचा और एनसीपी के सुप्रीमो शरद पवार ने भी मीडिया में आ रही खबरों को अटकल बताया है मीडिया की खबरों को खारिज करते हुए मंगलवार को अजित पवार ने कहा- बेवजह गलतफहमी फैलाई जा रही हैं। किसी विधायक का हस्ताक्षर नहीं लिया गया है। भाजपा के साथ जाने की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। जब तक जान में जान है तब तक एनसीपी से जुड़ा रहूंगा। चाहो तो एफिडेविट पर लिख कर दे दूं।

गौरतलब है कि पिछले दो दिन से खबर आ रही थी कि अजित पवार भाजपा के संपर्क में हैं और एनसीपी के 40 विधायक उनके साथ हैं, जो भाजपा के साथ तालमेल चाहते हैं। यह भी कहा जा रहा था कि 40 विधायकों ने समर्थन पत्र पर दस्तखत कर दिए हैं। मंगलवार को अजित पवार ने अपने ट्विटर हैंडल से एनसीपी का झंडा हटा दिया। इससे भी अटकलें तेज हो गईं कि वे भाजपा के साथ जा रहे हैं।

बहरहाल, एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने अपने भतीजे अजित के भाजपा के साथ जाने की खबरों को सिर्फ अटकलें बताया। उन्होंने कहा कि इस बारे में सिर्फ मीडिया में बात हो रही है। पार्टी को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है। इसलिए अजित चुनाव में व्यस्त हैं। इस बीच पार्टी के ही तीन विधायक माणिक कोकाटे, सुनील शेलके और अन्ना बनसोड खुल कर अजित पवार के समर्थन में आए हैं। तीनों विधायकों ने कहा कि अजित पवार जो भी फैसला करेंगे, वे उनके साथ खड़े रहेंगे। जानकार सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहित शिव सेना के 16 विधायकों पर अयोग्यता की तलवार लटक रही है। इसलिए सरकार बचाने की वैकल्पिक व्यवस्था के तहत अजित पवार से बातचीत हो रही है।

उधर, दूसरी ओर शिव सेना के उद्धव ठाकरे गुट के सांसद संजय राउत ने कहा कि यह सब बीजेपी के लोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा- अजित के खिलाफ खबरें प्लांट करवाई जा रही हैं। अजित ऐसा कुछ भी नहीं करेंगे। अजित महा विकास अघाड़ी के आधार स्तंभ हैं। मेरी खुद आज शरद पवार सहित कई एनसीपी नेताओं से बात हुई हैं। उन्होंने कहा कि एनसीपी को तोड़ने की कोशिशें हो रही है। राउत ने कहा- शिव सेना की तरह एनसीपी को भी तोड़ने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस बीच शरद पवार ने इस खबर को भी खारिज किया कि सोमवार को अजित पवार ने विधायकों की बैठक बुलाई थी।

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