राज्य-शहर ई पेपर व्यूज़- विचार

पान का पत्ता बढ़ते यूरिक एसिड को कंट्रोल करने में मददगार

भारतीय घरों में पान के पत्तों का इस्तेमाल सदियों से होता आ रहा है। पूजा-पाठ और पारंपरिक रस्मों में इसका खास स्थान रहा है, लेकिन यह सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद होता है।    

वैज्ञानिक रिसर्च के अनुसार, पान के पत्तों में फिनोलिक कंपाउंड्स, फ्लेवोनॉयड्स और एंटीऑक्सिडेंट्स समेत कई तरह के सक्रिय तत्व पाए जाते हैं। ये तत्व शरीर में फ्री रेडिकल्स को कम करने में मदद करते हैं, जिससे कोशिकाओं को नुकसान से बचाया जा सकता है। इसके अलावा इनमें एंटीबैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी पाए गए हैं, जो शरीर को संक्रमण और सूजन से बचाने में मदद कर सकते हैं।

आज के समय में बढ़ता यूरिक एसिड एक आम समस्या बन गया है, जो जोड़ों में दर्द और सूजन का कारण बनता है। पान के पत्तों में मौजूद तत्व शरीर के मेटाबॉलिज्म को बेहतर करने में मदद करते हैं, जिससे यूरिक एसिड का स्तर संतुलित रखने में मदद मिलती है।

Also Read : संजू सैमसन मार्च महीने के आईसीसी के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बने

पाचन से जुड़ी समस्याओं के लिए भी पान के पत्तों को उपयोगी माना जाता है। आयुर्वेद और वैज्ञानिक रिसर्च की मानें, तो पान के पत्ते लार को बढ़ाते हैं, जिससे खाना पचाने में मदद मिलती है। यह गैस, एसिडिटी और कब्ज जैसी समस्याओं को कम करने में मददगार होते हैं। इसके नियमित और सीमित सेवन से पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

सूजन और मसूड़ों से जुड़ी दिक्कतों में भी पान के पत्तों काफी फायदेमंद है। इनमें पाए जाने वाले एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्व शरीर में सूजन को कम करने में मदद करते हैं। अगर मसूड़ों में दर्द या सूजन हो, तो पान के पत्ते चबाने से कुछ राहत मिलती है। इसके अलावा, इनके एंटीबैक्टीरियल गुण मुंह के बैक्टीरिया को कम करने में भी सहायक होते हैं।

दांतों की सेहत के लिए भी पान के पत्तों को लाभकारी माना जाता है। पान के पत्तों में मौजूद प्राकृतिक तत्व दांतों और मसूड़ों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।

इसके अलावा, कुछ रिसर्च में यह पाया गया है कि पान के पत्तों में मौजूद एंटीमाइक्रोबियल गुण सर्दी-जुकाम जैसी समस्याओं में मदद करते हैं। शहद के साथ इसका सेवन गले को आराम देता है, जबकि इसके पत्तों का लेप हल्की चोट या घाव पर लगाने से तेजी से भरने में मदद मिलती है।

Pic Credit : ANI

Tags :

By Naya India

Naya India, A Hindi newspaper in India, was first printed on 16th May 2010. The beginning was independent – and produly continues to be- with no allegiance to any political party or corporate house. Started by Hari Shankar Vyas, a pioneering Journalist with more that 30 years experience, NAYA INDIA abides to the core principle of free and nonpartisan Journalism.

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

9 − five =