सिक्किम के नामची जिले में एक दिन पहले निर्माणाधीन सुरंग ढहने से 10 मजदूरों की मौत हो गई। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। नामची के जिलाधिकारी ने कहा कि पीड़ितों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि खोज एवं बचाव अभियान जारी है।
सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने कहा कि झोलुंगे के समरडुंग में एनएचपीसी (नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन) तीस्ता चरण-छह जल विद्युत परियोजना के तहत निर्माणाधीन सुरंग भूस्खलन के कारण ढह गई।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सोमवार को एडीआईटी-तीन सुरंग के अचानक ढह गई और घटना के वक्त परियोजना अधिकारी और श्रमिकों समेत कुल 25 लोग एडीआईटी-तीन सुरंग के अंदर फंसे हुए थे।
तमांग ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनसे बात की और बचाव अभियान के बारे में जानकारी ली।
नामची पुलिस ने एक बयान में कहा मंगलवार सुबह साढ़े नौ बजे तक 10 शव बरामद किए गए हैं। मृतकों में से छह की पहचान हो गई है, जबकि तीन अज्ञात शवों को जिला अस्पताल सिंगतम और सर थुटोब नामग्याल मेमोरियल (एसटीएनएम) अस्पताल ले जाया गया।
बयान में कहा गया है कि जिन सात मृतकों की पहचान हुई है उनमें से चार पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी से थे, एक-एक व्यक्ति असम, पंजाब और उत्तराखंड के देहरादून से था तथा एक व्यक्ति नामची का रहने वाला था।
तमांग ने एक बयान में कहा हादसे में अपनी जान गंवाने वाले कर्मियों के परिवारों के प्रति मैं अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। दुख की इस घड़ी में पूरे राज्य की संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ है और हम इस मुश्किल घड़ी में मजबूती से उनके साथ खड़े हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह जारी बचाव अभियान की करीबी निगरानी कर रहे हैं।
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तमांग ने बताया कि नामची जिला प्रशासन, सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसएसडीएमए), सिक्किम पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं और पाकयोंग व सिलीगुड़ी से आए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम के साथ अन्य एजेंसियां सुरंग के अंदर फंसे शेष श्रमिकों के शव निकालने के लिए लगातार काम कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा नामची जिले के समरडुंग, झोलुंगे में एनएचपीसी तीस्ता चरण-छह जल विद्युत परियोजना के तहत निर्माणाधीन सुरंग में हुई दुखद घटना के बाद माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुझसे (फोन पर) बात की और मौजूदा हालात तथा जारी बचाव कार्यों के बारे में जानकारी ली।
उन्होंने यह भी कहा प्रभावित श्रमिकों और उनके परिवारों के प्रति उनकी चिंता और संवेदना भरे शब्दों के साथ-साथ भारत सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन इस कठिन घड़ी में सिक्किम के लोगों के लिए एक बड़ा संबल बना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों को हर संभव मदद करने, बचाव कार्यों में तेजी लाने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि पूरे अभियान के दौरान सुरक्षा के उच्चतम मानकों का सख्ती से पालन किया जाए।
अधिकारियों ने बताया कि सोमवार दोपहर भूस्खलन के कारण सुरंग का प्रवेश द्वार बंद हो गया और गैस रिसाव की आशंका के बीच लगभग 27 मजदूर अंदर फंस गए थे।
उन्होंने बताया कि सुरंग के अंदर गैस होने के कारण बचाव अभियान जटिल हो गया है और फंसे श्रमिकों तक पहुंचने की कोशिश के दौरान कई बचावकर्मियों को चक्कर आए और कुछ बेहोश भी हो गए।
अधिकारियों के अनुसार, माना जा रहा है कि गैस का रिसाव भूमिगत परतों या भूस्खलन प्रभावित चट्टानी संरचनाओं से प्राकृतिक रूप से हो रहा है।
Pic Credit : ANI
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