नई दिल्ली। ब्राजील के रियो डी जनेरियो में ब्रिक्स सम्मेलन का रंग थोड़ा फीक रहा है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनफिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दोनों इस बैठक में हिस्सा लेने नहीं गए। ईरान के राष्ट्रपति पजशकियान भी सम्मेलन में नहीं गए। गौरतलब है कि ब्रिक्स के गठन में रूस और चीन की अहम भूमिका रही है और शुरू में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका ही इसके सदस्य थे। अब इसके सदस्यों की संख्या 11 हो गई है।
बहरहाल, ब्रिक्स के संस्थापक देशों में शामिल चीन के राष्ट्रपति शी जिनफिंग इस बार सम्मेलन में शामिल नहीं हुए। 2013 में चीन का राष्ट्रपति बनने के बाद शी जिनफिंग पहली बार इस सम्मेलन में शामिल नहीं हुए। जिनफिंग की जगह उनके भरोसमंद सहयोगी और चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग सम्मेलन में शामिल हुए। राष्ट्रपति जिनफिंग जी 20 सम्मेलन के लिए ब्राजील गए थे और उसके बाद इस साल मई में ब्राजील के राष्ट्रपति लूला ने बीजिंग का दौरा किया था, जहां दोनों की मुलाकात हुई थी।
ब्रिक्स सम्मेलन में जिनफिंग के अलावा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी शामिल नहीं हुए। वे वर्चुअल तरीके से सम्मेलन से जुड़ेंगे। इससे पहले उन्होंने 2023 में भी वीडियो लिंक के जरिए दक्षिण अफ्रीका में हुए ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लिया था। बताया जा रहा है कि, ब्राजील भी दक्षिण अफ्रीका की तरह इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट का सदस्य है। इस नाते उस पर पुतिन को यूक्रेन जंग में कथित युद्ध अपराधों के आरोप में गिरफ्तार करने की कानूनी बाध्यता है। पुतिन के अलावा ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान भी सम्मेलन में शामिल होने के लिए नहीं गए। उनकी जगह विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सम्मेलन में हिस्सा लिया। माना जा रहा है कि इजराइल और ईऱान की जंग की वजह से वे ईरान में ही हैं और किसी बहुपक्षीय सम्मेलन में शामिल होने नहीं जा रहे हैं।