नई दिल्ली। म्यांमार में शुक्रवार को आए भीषण भूकंप से भारी तबाही मची है। मरने वालों का आंकड़ा डेढ़ हजार से ज्यादा हो गया है लेकिन माना जा रहा है कि यह संख्या 10 हजार तक जा सकती है। थाईलैंड में अब भी काफी लोग लापता हैं, जबकि 10 लोगों के मरने की पुष्टि हुई है।
इस बीच भारत ने म्यांमार की मदद के लिए ‘ऑपरेशन ब्रह्मा’ शुरू किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी म्यांमार के सैनिक शासन के प्रमुख से टेलीफोन पर बात की है और हर तरह की मदद देने का भरोसा दिलाया है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को बताया कि भारतीय नौसेना के जहाज आईएनएस सतपुड़ा और आईएनएस सावित्री के जरिए ‘ऑपरेशन ब्रह्मा’ के तहत 40 टन राहत सामग्री म्यांमार के यांगून बंदरगाह भेजे गए हैं। इसके अलावा 118 सदस्यों का फील्ड हॉस्पिटल यूनिट आगरा से मांडले के लिए रवाना किया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने म्यांमार की सरकार के प्रमुख जनरल मिन आंग ह्लाइंग से बातचीत की। मोदी ने कहा कि करीबी दोस्त और पड़ोसी के रूप में, भारत इस कठिन समय में म्यांमार के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है।
इस बीच म्यांमार में शनिवार को दोपहर बाद करीब साढ़े तीन बजे फिर भूकंप आया। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.1 मापी गई। इस तरह दो दिन में पांच से ज्यादा तीव्रता वाले तीन भूकंप आ चुके हैं। शुक्रवार को दिन में 12 बजे से थोड़ा पहले 7.7 तीव्रता का भूकंप आया, जिससे म्यांमार में भारी तबाही हुई। अमेरिका के जियोलॉजिकल सर्वे यानी यूएसजीएस ने आशंका जताई है कि भूकंप की जैसी तीव्रता से उससे मौत का आंकड़ा 10 हजार से ज्यादा हो सकता है।
म्यांमार-थाईलैंड में 200 साल का सबसे बड़ा भूकंप, भारी तबाही
भूकंप के झटके थाईलैंड, बांग्लादेश, चीन और भारत तक महसूस किए गए थे। आधिकारिक रूप से नहीं बताया गया है कि भूकंप में कितने लोग मरे हैं क्योंकि अभी ज्यादातर जगहों पर मलबे में लोग दबे हैं और उन्हें निकालने का काम चल रहा है।
लेकिन एक अनुमान के मुताबिक साढ़े 16 सौ लोगों की मौत हुई है, जबकि करीब साढ़े तीन हजार लोग घायल हैं। उधर, थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में एक निर्माणाधीन 30 मंजिला इमारत गिर गई। इसमें 10 लोगों की मौत हुई है और काफी लोग लापता हैँ।
म्यांमार और थाईलैंड में यह दो सौ साल का सबसे बड़ा भूकंप है। भारी तबाही के चलते म्यांमार के छह राज्यों और पूरे थाईलैंड में इमरजेंसी लगा दी गई है। भूकंप के चलते म्यांमार की राजधानी नेपीदा के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे का एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर गिर गया।
तस्वीरों में दिख रहा है कि टावर उखड़े हुए पेड़ की तरह गिरा हुआ है। भूकंप के समय टावर में मौजूद सभी लोगों का निधन हो गया। म्यांमार के मांडले में विजडम विला प्राइवेट हाई स्कूल की बिल्डिंग ढह गई। मलबे में कई छात्रों के दबे होने की आशंका है।
थाई प्रधानमंत्री पाईतोंग्तार्न शिनवात्रा ने शनिवार को कहा कि शुक्रवार को आए भूकंप के बाद देश में हालात सामान्य हो गए हैं। उन्होंने कहा कि बैंकॉक में सिर्फ एक इमारत गिरी थी, जो कि बन रही थी। उसके अलावा किसी और इमारत पर कोई असर नहीं पड़ा था। गौरतलब है कि थाईलैंड में अगले हफ्ते बिम्सटेक की बैठक होने वाली है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी हिस्सा लेना है।
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Pic Credit : ANI
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