काहिरा। ईरान ने अपने बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रहने तक होर्मुज जलडमरुमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर रोक लगाने के फैसले पर और कड़ा रुख अपना लिया है। अमेरिकी नाकाबंदी और ईरान के कड़े रुख के बीच मध्यस्थ युद्धविराम की अवधि बढ़वाने की कोशिश कर रहे हैं, जो बुधवार को खत्म हो जाएगी।
नाकेबंदी के कारण पाकिस्तान की मध्यस्थता में हो रही कोशिशें जटिल हो गई हैं और अब सवाल खड़ा हो गया है कि दो हफ्ते का संघर्षविराम आगे बढ़ पाएगा या नहीं।
अमेरिका के साथ बातचीत में ईरान के मुख्य वार्ताकार गालिबाफ ने अमेरिकी नाकाबंदी को “अज्ञानता के कारण लिया गया एक नासमझी भरा फैसला” बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि ईरान अब भी शांति चाहता है, लेकिन अमेरिका पर गहरा अविश्वास बना हुआ है।
गालिबाफ ने कहा, “अभी भी बड़े मतभेद बरकरार हैं, और कुछ बुनियादी मुद्दे अब तक हल नहीं हुए हैं।” इजराइल और ईरान समर्थित हिज्बुल्ला समूह के बीच लेबनान में 10 दिन का युद्धविराम शुक्रवार से लागू होने के बाद ईरान ने घोषणा की थी कि वह होर्मुज जलडमरुध्य फिर से खोलेगा। लेकिन इसके बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिका की नाकेबंदी तब तक “पूरी तरह लागू रहेगी” जब तक तेहरान अमेरिका के साथ कोई समझौता नहीं कर लेता।


