कानपुर। बेहद महंगी और लक्जरी गाड़ी लेम्बोर्गिनी से कई लोगों को ठोकर मार कर उड़ा देने के चार दिन बाद गिरफ्तार मुख्य आरोपी को सात घंटे में ही जमानत मिल गई और वह रिहा हो गया। अरबपति कारोबारी के बेटे शिवम शर्मा को बड़ी जद्दोजहद और सोशल मीडिया में अभियान के बाद गिरफ्तार किया गया। उसके उपर आरोप है कि उसने अपनी महंगी गाड़ी से आठ फरवरी को छह लोगों को ठोकर मार कर उड़ा दिया था।
आरोपी के वकील अनंत शर्मा ने गुरुवार को बताया कि पुलिस ने कोर्ट में 14 दिन की रिमांड मांगी थी। परंतु जज ने पूछा कि रिमांड देने से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि सारी धाराएं जमानती हैं तो पुलिस को क्यों रिमांड चाहिए? वकील ने बताया कि अदालत के इस सवाल का जांच अधिकारी कोई ठोस जवाब नहीं दे पाए। इसके चलते कोर्ट ने रिमांड की अर्जी खारिज कर दी। फिर 20 हजार रुपए का बेल बॉन्ड भरने के बाद पुलिस ने उसे छोड़ दिया।
पुलिस ने शिवम मिश्रा को गुरुवार सुबह आठ बजे घर के सामने से गिरफ्तार किया था। इससे पहले घटना के बाद से बहुत ड्रामा हुआ। कारोबारी के ड्राइवर मोहन ने थाने में जाकर सरेंडर किया था और कहा था कि गाड़ी वह चला रहा था। इससे पहले शिवम के पिता और तंबाकू के कारोबारी के के मिश्रा ने दावा किया था कि उनका बेटा गाड़ी नहीं चला रहा था। हादसे के बाद घटनास्थल से शिवम को हटा दिया गया था। बाद में जब विवाद बढ़ा तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस मामले में दखल देना पड़ा। उन्होंने कार्रवाई के निर्देश दिए तब पुलिस सक्रिय हुई और शिवम मिश्रा को गिरफ्तार किया।


