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बैंकों की हड़ताल टली !

नई दिल्ली। आज से यानी सोमवार, 28 सितंबर से 30 सितंबर तक देश के सरकारी बैंकों में कामकाज ठप्प रहेगा। बैंक कर्मचारियों के लगभग सभी बड़े संगठनों ने तीन दिन की हड़ताल का ऐलान किया है। कर्मचारी पांच दिन का कामकाज हफ्ता किए जाने की मांग कर रहे हैं। इससे पहले रविवार को छुट्टी होने के बावजूद सरकारी बैंक खुले रहे। करीब 10 साल के बाद रविवार को आम लोगों के लिए बैंक खुला रहा। इससे पहले, 2016 में नोटबंदी के बाद 14 नवंबर को रविवार के दिन बैंक खुले थे। तब पुराने पांच सौ और एक हजार रुपए के नोट बदलने, जमा करने और कैश निकालने के लिए लोग बैंकों में लाइन में लगे थे।

बहरहाल, सोमवार से बुधवार तक तीन दिन बैंक बंद रहेंगे। हालांकि इस दौरान एटीएम और ऑनलाइन सेवाएं काम करती रहेंगी। साथ ही सरकार ने तय कियै है कि बैंक हड़ताल के दौरान स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और पंजाब नेशनल बैंक सहित सभी सरकारी बैंकों के एटीएम से मंथली फ्री लिमिट खत्म होने के बाद भी नकद निकालने पर कोई शुल्क नहीं लगेगा।

गौरतलब है कि रिजर्व बैंक के नियमों के मुताबिक, अभी अपने बैंक के एटीएम से हर महीने पांच बार फ्री में नकदी निकाल सकते हैं। दूसरे बैंक के एटीएम से दिल्ली, मुंबई जैसे महानगरों में महीने में तीन बार और छोटे शहरों में पांच बार फ्री लेनदेन की लिमिट है। अगर ग्राहक एक महीने में लिमिट से ज्यादा बार एटीएम से नकदी निकालते हैं, तो हर बार 23 रुपया और जीएसटी लगेगा।

लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बैंकों ने लिमिट के बावजूद फ्री में नकदी निकालने की सुविधा दी है। बहरहाल, भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग के साथ इंडियन बैंक्स एसोसिएशन और बैंक प्रबंधन के पदाधिकारियों की बात हुई लेकिन कर्मचारी संगठनों ने हड़ताल टालने अपील को ठुकरा दिया। तीन दिन की इस हड़ताल में देश की सात बड़ी बैंक यूनियनें शामिल होंगी, जिनसे लगभग 90 फीसदी से ज्यादा बैंक कर्मचारी जुड़े हैं। इनमें एआईबीईए, एआईबीओसी, एनसीबीई, एआईबीओए, बीईएफई, आईएनबीईएफ और आईएनबीओसी शामिल हैं। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि जब तक सरकार हफ्ते में पांच कामकाजी दिन का नियम लागू करने की कोई पक्की तारीख तय नहीं कर देती, तब तक उनका यह विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

By NI Desk

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