नई दिल्ली। लोकसभा में नारी शक्ति वंदन कानून में संशोधन सहित तीन विधेयक पेश किए जाने का विपक्षी पार्टियों ने जोरदार विरोध किया। कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के चैम्बर में विपक्षी पार्टियों की बैठक हुई थी। विपक्ष ने बुधवार को हुई बैठक के संकल्प को दोहराते हुए तय किया कि महिला आरक्षण का समर्थन किया जाएगा और परिसीमन का विरोध किया जाएगा। उन्होंने भाजपा नेतृत्व पर तंज करते हुए कहा कि चाणक्य आज जिंदा होते तो वे भी चौंक जाते।
सरकार की पहल का विरोध करते हुए कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, ‘543 में से महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण क्यों नहीं दे रहे। अगर पद खोने का डर नहीं है तो कुछ लोग इसमें अपना पद खो दें। ताकि महिलाएं और ओबीसी वर्ग आ सके। ये आज ही कर दें, शुभ काम हो जाएगा काला टीका भी काम आ जाएगा’। उन्होंने कहा, ‘देश की महिलाओं के नाम पर देश के बुनियादी ढांचों से खिलवाड़ नहीं हो सकता। संसद को कमजोर करके सत्ता कायम रखने की साजिश हो रही है। यह आपकी हस्ती, पद और गरिमा के अनुकूल है’।
परिसीमन का विरोध करते हुए प्रियंका ने कहा, ‘पीएम के खोखले आश्वासनों के बावजूद संसद में राज्यों की मौजूदगी बदल जाएगी। जिस तरह असम में उन्होंने मनचाही सीटों को काटा, नई सीमाएं बनाएं उसी तरह यह देश में करेंगे’। उन्होंने कहा, ‘परिसीमन आयोग में सरकार द्वारा चुने गए तीन लोग देश के लोकतंत्र को खत्म करेंगे। अगर ये बिल पास होता है देश में लोकतंत्र खत्म हो जाएगा’। प्रियंका ने कहा, ‘राजनीति में कुटिल होना अपनी जगह है लेकिन सत्ता बनाए रखने की महात्वांक्षाओं बनाए रखने के लिए देश में सही फैसले लेने चाहिए। पीएम पर बहुत दबाव है इंटरनेशनल प्रेशर है। इसलिए उन्होंने महिला आरक्षण मुद्दा उठाया’।


